पुणे: भारतीय सशस्त्र बलों ने पहलगाम हमले के जवाब में पाकिस्तान और पीओके में मंगलवार देर रात नौ आतंकवादी ठिकानों पर मिसाइल हमले किए। सशस्त्र बलों ने बहावलपुर को भी निशाना बनाया, जो आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद का प्रमुख ठिकाना बनाया। भारतीय सेना ने देर रात 1.44 बजे जारी बताया था कि ये सैन्य हमले 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत किए गए। इस हमले पर महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने एक पोस्ट शेयर कर इसे देशवासियों की एकता बताया।
अजित पवार ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा सशस्त्र बलों की ताकत, राजनीतिक इच्छाशक्ति और देशवासियों की एकता ही है ‘ऑपरेशन सिंदूर’ है। अजित पवार ने अपने पोस्ट में लिखा, "भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कड़ा रुख अपनाते हुए पहलगाम में हुए हमले का मुंहतोड़ जवाब देते हुए आज सुबह ‘ऑपरेशन सिंदूर’ शुरू किया और पाकिस्तान तथा पाक अधिकृत कश्मीर में आतंकी शिविरों पर हमला कर उन्हें नष्ट कर दिया। मैं भारतीय वायुसेना, नौसेना, थल सेना के नेतृत्व और ‘ऑपरेशन सिंदूर’ में भाग लेने वाले जवानों को दिल से बधाई देता हूं। देश को भारतीय जवानों की क्षमताओं पर पूरा भरोसा है और पूरा देश एकजुट होकर उनके पीछे खड़ा है।"
अजित पवार ने आगे लिखा कि आतंकवाद को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अजित पवार ने लिखा, ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद को अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष पर्यटक मारे गए थे। इस हमले से पूरा देश आक्रोशित था।
इस हमले की जिम्मेदारी आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी। जवाब में भारत ने आज सुबह-सुबह ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के जरिए सुनियोजित, सटीक हमले करके आतंकियों की कमर तोड़ दी। बताया जा रहा है कि इस ऑपरेशन में नौ आतंकी कैंप नष्ट किए गए। हम यह संदेश देने में सफल रहे हैं कि जब तक पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद का पूरी तरह सफाया नहीं हो जाता, तब तक ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।
देश की सीमाओं से आगे जाकर सैन्य कार्रवाई करने के लिए राजनीतिक इच्छाशक्ति जरूरी है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के साहसी और मजबूत नेतृत्व ने हमेशा यही इच्छाशक्ति दिखाई है। अजित पवार ने इस हमले पर प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को बधाई दी और कहा कि उन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों को पूरी आजादी, स्वतंत्रता और ताकत देकर उनके पीछे मजबूती से खड़े रहे।