Amit Shah On Changing The Names Of Cities: केंद्रीय गृह और सहकारिता मंत्री अमित शाह ने रविवार को अहिल्यानगर में आयोजित सहकारिता कार्यक्रम में जोरदार भाषण दिया। इस दौरान उन्होंने औरंगाबाद और अहमदनगर का नाम बदलने को लेकर विपक्ष पर जमकर वार किया। राजनीतिक हलकों में इसे महाराष्ट्र की वर्तमान सियासत से जोड़कर देखा जा रहा है।
अमित शाह ऐतिहासिक संदर्भ में तीखा बयान देते हुए कहा कि शिवाजी महाराज के अनुयायियों ने शहरों के नाम बदले हैं, लेकिन औरंगजेब के चेलों में इतनी हिम्मत कहां। शाह के इस बयान से कार्यक्रम स्थल तालियों की गूंज से भर उठा।
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि जब एकनाथ शिंदे मुख्यमंत्री थे और देवेंद्र फडणवीस उपमुख्यमंत्री थे, भाजपा-सेना सरकार ने औरंगाबाद का नाम भी बदला और यहां अहिल्या बाई का नाम भी रखा। ये वही लोग कर सकते हैं जो छत्रपति के अनुयायी हैं। जो औरंगजेब की मान को बढ़ाते हैं, उनमें इतनी हिम्मत नहीं है।
बता दें कि महाराष्ट्र की महायुति सरकार ने औरंगाबाद का नाम बदलकर छत्रपति संभाजीनगर किया। वहीं अहमदनगर का नाम बदलकर अहिल्यानगर किया है। इस समय एकनाथ शिंदे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री थे।
केंद्रीय सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि आज मैं प्रवर नगर आया हूं। यह शहर देश भर में सहकारिता के केंद्र के रूप में जाना जाता है। इसका मुख्य कारण पद्मश्री विखे पाटिल हैं। उन्होंने अपना पूरा जीवन महाराष्ट्र के किसानों के कल्याण के लिए समर्पित कर दिया। उन्होंने कहा कि भारत के चीनी सहकारी क्षेत्र को नरेंद्र मोदी के प्रधानमंत्री बनने के बाद बहुत लाभ हुआ है।
अमित शाह ने कहा कि चीनी सहकारी समितियों को गैर-पेराई सत्र में भी मल्टी-फ़ीड इथेनॉल का उत्पादन करना चाहिए। जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सहकारिता मंत्रालय की स्थापना की, तो सहकारी क्षेत्र में चीनी मिलों को मजबूत करने के लिए राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (एनसीडीसी) की योजनाएं शुरू की गईं। इथेनॉल मिश्रण की शुरुआत के साथ चीनी सहकारी समितियों की बैलेंस शीट बदल गई है।