Dheeraj Pardeshi Murder Case: महाराष्ट्र के अहिल्यानगर में नगर निगम के एक कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी, धीरज परदेशी, की हत्या के बाद पूरे शहर में तनाव व्याप्त है। इस घटना ने उस समय राजनीतिक और सांप्रदायिक मोड़ ले लिया जब यह आरोप लगाया गया कि धीरज की हत्या उनके माथे पर लगे भगवा तिलक को देखकर की गई है।
जहां एक तरफ हिंदुत्ववादी संगठन और स्थानीय विधायक इस मामले में मास्टरमाइंड की गिरफ्तारी और आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी शरद पवार गुट के विधायक रोहित पवार ने इस घटना को जातीय या धार्मिक रंग न देने की कड़ी अपील की है।
अहिल्यानगर नगर निगम के बिजली विभाग में कार्यरत धीरज परदेशी 7 अगस्त की शाम को मुकुंदनगर स्थित दर्गा परिसर में एक बिजली के खंभे पर काम कर रहे थे। इसी दौरान 6 से 8 लोगों के एक समूह ने उन पर जानलेवा हमला कर दिया। धीरज को गंभीर हालत में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां तीन दिनों तक मौत से लड़ने के बाद 9 अगस्त को उन्होंने दम तोड़ दिया। उनकी मौत के बाद उनकी पत्नी ने आरोप लगाया कि धीरज को उनके हिंदुत्ववादी होने के कारण निशाना बनाया गया।
इस संवेदनशील मामले पर रोहित पवार ने बयान जारी कर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि जो कोई भी अपराधी होता है, उसकी कोई जाति या धर्म नहीं होता। रोहित पवार ने बताया कि वे स्वयं एसपी के संपर्क में हैं और उन्हें जानकारी मिली है कि मुख्य आरोपियों को हैदराबाद से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि किसी के पास इस हत्या से जुड़े अन्य सबूत हैं, तो उन्हें राजनीति करने के बजाय पुलिस को सौंपना चाहिए। रोहित पवार ने भाजपा विधायकों द्वारा मुख्यमंत्री से की गई बातचीत का जिक्र करते हुए कहा कि जब पुलिस कार्रवाई कर रही है और गृह मंत्री स्वयं इस पर ध्यान दे रहे हैं, तो हमें पुलिस पर विश्वास रखना चाहिए। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि हमें इस मामले को जातीय या धार्मिक रंग नहीं देना चाहिए क्योंकि अपराध केवल अपराध होता है।
दूसरी ओर, विधायक संग्राम जगताप ने दावा किया कि धीरज पर हमला उनके माथे पर तिलक होने की वजह से किया गया था, जो कि एक पूर्वनियोजित साजिश थी। इस आरोप के बाद अहिल्यानगर और पाथर्डी में भारी विरोध प्रदर्शन हुए और बंद रखा गया। प्रदर्शनकारी इतने आक्रामक थे कि वे आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने की मांग करने लगे।
स्थिति तब शांत हुई जब भाजपा नेता गोपीचंद पड़लकर की मौजूदगी में स्वयं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रदर्शनकारियों को फोन कर कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया।
पुलिस अधीक्षक मुम्मका सुदर्शन के अनुसार, इस मामले में अब तक मुस्तकीम सय्यद, मेहराज सय्यद, सिराज सय्यद और यूनुस शेख समेत कुल पांच लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पुलिस अन्य फरार मास्टरमाइंड की तलाश कर रही है और शहर में शांति बनाए रखने के लिए भारी सुरक्षा बल तैनात किया गया है।
यह घटना दर्शाती है कि कैसे एक आपराधिक कृत्य राजनीतिक और धार्मिक दांव-पेच के बीच शहर की शांति के लिए चुनौती बन जाता है, जहां न्याय की मांग और सांप्रदायिक सद्भाव के बीच एक महीन रेखा खिंच गई है।