BHOPAL News: मध्य प्रदेश में सत्ता से जुड़े एक और विवाद ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। इस बार मामला कैबिनेट मंत्री नागर सिंह चौहान के परिवार से जुड़ा है। उनके भाई इंदरसिंह चौहान पर जनपद पंचायत कार्यालय में महिला CEO को धमकाने और मारने दौड़ने का गंभीर आरोप लगा है।
22 अप्रैल को जनपद पंचायत कार्यालय पहुंचीं CEO प्रिया काग के साथ यह घटना हुई। जानकारी के मुताबिक, कन्या विवाह योजना के तहत पहले से विवाहित आवेदकों के आवेदन निरस्त किए जाने से इंदरसिंह चौहान नाराज थे। आरोप है कि इसी बात को लेकर उन्होंने कार्यालय में हंगामा किया और CEO को धमकाते हुए कहा- “तेरे दांत तोड़ दूंगा, तुझे यहीं जिंदा गाड़ दूंगा, यहां सब मेरी मर्जी से होगा।” बताया गया कि वे उन्हें मारने के लिए दौड़े और रास्ता भी रोका। मौके पर मौजूद लेखाधिकारी ने बीच-बचाव किया।
पुलिस ने इंदरसिंह चौहान के खिलाफ BNS की कई धाराओं (132, 224, 221, 351(2), 126(2)) में मामला दर्ज किया। आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया हालांकि बाद में उसे जमानत मिल गई।
CEO प्रिया काग ने कहा कि- उन्हें खुलेआम धमकी दी गई, मारने की कोशिश की गई, अब वे अपने कार्यस्थल पर खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर रहीं।
मंत्री नागर सिंह चौहान ने मामले से दूरी बनाते हुए कहा- “मैं सालों से अपने भाई से बात नहीं करता”। “वह अलग रहता है, जो कर रहा है उसकी जिम्मेदारी उसी की है”, “कानून अपना काम करेगा”।
इंदरसिंह चौहान का नाम पहले भी विवादों में आ चुका है। खाद वितरण को लेकर मारपीट, कार्यालय से CCTV हटवाने के आरोप।
सरकारी दफ्तर में महिला अधिकारी के साथ बदसलूकी, सत्ता से जुड़े लोगों के परिजनों पर दबंगई के आरोप, प्रशासनिक अधिकारियों की सुरक्षा पर सवाल। ये घटना प्रशासनिक व्यवस्था और कानून-व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करती है। अब देखना होगा कि जांच और कानूनी प्रक्रिया में आगे क्या कार्रवाई होती है और क्या इस मामले में सख्त संदेश जाता है या नहीं।