उज्जैन नगर निगम का एक्शन फोटो सोर्स- नवभारत
उज्जैन

उज्जैन में सिंहस्थ की जमीन पर नगर निगम का बुलडोजर एक्शन, महासिद्ध आश्रम के तीन भवन ध्वस्त

Ujjain Municipal Corporation : उज्जैन में सिंहस्थ की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए नगर निगम ने महासिद्ध आश्रम के अवैध निर्माण हटाए। तीन पोकलेन मशीनों से तीन पक्के भवन ध्वस्त किए गए।

अजय नीमा, प्रीतेश जैन

Highlights:

  • उज्जैन के जयसिंहपुरा में महासिद्ध आश्रम के अवैध निर्माण पर नगर निगम की कार्रवाई।

  • रविवार तड़के सुबह 5 बजे तीन पोकलेन मशीनों से भवनों को ध्वस्त किया गया।

  • सिंहस्थ के लिए सुरक्षित जमीन पर बनाए गए थे तीन पक्के भवन।

  • निर्माण हटाने के लिए आश्रम संचालक को दो बार नोटिस दिए गए थे।

  • दो दिन पहले सत्यगिरि महाराज के आश्रम में भी अवैध निर्माण हटाया गया था।

Ujjain Simhastha Land Encroachment : उज्जैन में सिंहस्थ क्षेत्र की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने के लिए नगर निगम का अभियान लगातार जारी है। इसी क्रम में रविवार तड़के करीब 5 बजे निगम की टीम ने जयसिंहपुरा क्षेत्र में नरसिंह घाट के पास स्थित महासिद्ध आश्रम (एमएस सुकृत ट्रस्ट) के अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया।

कार्रवाई के दौरान तीन पोकलेन मशीनों की मदद से नवनिर्मित भवनों को तोड़ा गया। नगर निगम के मुताबिक, सिंहस्थ के लिए सुरक्षित जमीन पर इन भवनों का निर्माण किया गया था। प्रशासन का फोकस सिंहस्थ क्षेत्र की जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराने पर है।

सिंहस्थ की जमीन पर बनाए गए थे तीन पक्के भवन

नगर निगम के भवन अधिकारी राजकुमार राठौर के अनुसार, महासिद्ध आश्रम परिसर में सिंहस्थ 2028 के लिए सुरक्षित जमीन पर हाल ही में तीन अलग-अलग पक्के भवन बनाए गए थे। निगम प्रशासन ने इन निर्माणों को हटाने के लिए आश्रम संचालक को पहले ही दो बार नोटिस जारी किए थे। इसके बावजूद निर्धारित समय सीमा में निर्माण नहीं हटाया गया। इसके बाद नगर निगम ने खुद मौके पर पहुंचकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करने का निर्णय लिया।

रविवार तड़के पांच बजे पहुंची निगम की टीम

महासिद्ध आश्रम में कार्रवाई के लिए नगर निगम की टीम रविवार सुबह करीब 5 बजे मौके पर पहुंची। इसके बाद तीन पोकलेन मशीनों की सहायता से निर्माण हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। मशीनों से भवनों के अलग-अलग हिस्सों को तोड़ा गया। कार्रवाई पूरी होने के बाद सिंहस्थ के लिए सुरक्षित जमीन पर किए गए अवैध निर्माण को हटा दिया गया। तड़के शुरू की गई इस कार्रवाई का उद्देश्य निर्धारित भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराना था।

दो नोटिस के बाद भी नहीं हटाया गया निर्माण

भवन अधिकारी राजकुमार राठौर के मुताबिक, आश्रम संचालक को अवैध निर्माण हटाने के लिए दो बार नोटिस दिए गए थे। निगम प्रशासन ने इसके लिए समय सीमा भी निर्धारित की थी, लेकिन तय समय में निर्माण नहीं हटाया गया। इसके बाद नगर निगम की टीम ने मौके पर पहुंचकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की। निगम की ओर से सिंहस्थ क्षेत्र में सुरक्षित जमीन पर किए गए निर्माणों को हटाने का अभियान लगातार चलाया जा रहा है।

सत्यगिरि महाराज के आश्रम पर भी हुई थी कार्रवाई

महासिद्ध आश्रम से पहले उज्जैन नगर निगम ने दो दिन पूर्व इसके पास स्थित हरियाणा वाले सत्यगिरि महाराज के आश्रम में किए गए अवैध निर्माण को भी ध्वस्त किया था। उस कार्रवाई में भी पोकलेन मशीनों की मदद ली गई थी। लगातार हो रही इन कार्रवाइयों के जरिए निगम सिंहस्थ क्षेत्र की जमीन से अतिक्रमण हटाने में जुटा है। सिंहस्थ की तैयारियों के मद्देनजर प्रशासन का जोर सुरक्षित भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने पर है।

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