Mahakal Darshan Fraud: उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन और ठहरने की व्यवस्था के नाम पर श्रद्धालुओं से ऑनलाइन ठगी करने वाले साइबर गिरोहों के खिलाफ उज्जैन पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 11 फर्जी वेबसाइटों और संदिग्ध ऑनलाइन लिंक को बंद करा दिया है। इन वेबसाइटों के माध्यम से देशभर से आने वाले श्रद्धालुओं को कमरा बुकिंग और धर्मशाला आरक्षण का झांसा देकर ठगा जा रहा था।
पुलिस के अनुसार, साइबर अपराधियों ने महाकाल भक्त निवास, माधव सेवा न्यास और उज्जैन के कुछ प्रतिष्ठित होटलों के नाम से फर्जी वेबसाइटें तैयार कर रखी थीं। श्रद्धालु इन वेबसाइटों पर ऑनलाइन बुकिंग के लिए एडवांस भुगतान कर देते थे, लेकिन उज्जैन पहुंचने पर उन्हें पता चलता था कि उनकी कोई बुकिंग ही नहीं हुई है। इससे लोगों को आर्थिक नुकसान के साथ मानसिक परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा था।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में साइबर सेल ने तकनीकी जांच शुरू की। जांच के दौरान 11 ऐसी वेबसाइटों और ऑनलाइन लिंक्स की पहचान की गई, जिनका उपयोग ठगी के लिए किया जा रहा था। इसके बाद पुलिस मुख्यालय भोपाल के माध्यम से संबंधित कंपनियों और प्लेटफॉर्म्स को नोटिस जारी कर सभी फर्जी वेबसाइटों को तत्काल प्रभाव से बंद करा दिया गया।
कार्रवाई के दौरान महाकाल भक्त निवास, माधव सेवा न्यास और होटल बुकिंग से जुड़ी कई नकली वेबसाइटों को ब्लॉक किया गया। इसके अलावा ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर मौजूद कुछ फर्जी लिस्टिंग और लिंक भी हटवाए गए, जिनके जरिए बाबा महाकाल के भक्तों को निशाना बनाया जा रहा था।
उज्जैन पुलिस ने श्रद्धालुओं से अपील की है कि वे होटल, धर्मशाला या भक्त निवास की बुकिंग केवल अधिकृत और विश्वसनीय वेबसाइटों के माध्यम से ही करें। किसी भी वेबसाइट पर भुगतान करने से पहले उसकी प्रामाणिकता की जांच अवश्य करें और अज्ञात मोबाइल नंबरों या संदिग्ध लिंक के माध्यम से ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करने से बचें।
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पुलिस ने यह भी कहा है कि यदि कोई व्यक्ति साइबर ठगी का शिकार होता है तो वह तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराए या राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर ऑनलाइन शिकायत करे, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।