Ujjain Living Daughter Funeral: उज्जैन जिले के खाचरौद नगर में प्रेम विवाह के बाद एक भावनात्मक और चर्चित मामला सामने आया है। प्रेम विवाह से नाराज परिजनों ने अपनी जीवित बेटी की तस्वीर का प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार कर दिया। इतना ही नहीं, हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार गोरनी कार्यक्रम का भी आयोजन किया गया। घटना के बाद इलाके में इस मामले की चर्चा बनी हुई है।
मामला खाचरौद के नरसिंह मंदिर क्षेत्र का बताया जा रहा है। परिजनों का कहना है कि प्रेम विवाह करने के बाद उनकी बेटी ने परिवार से सभी संबंध समाप्त कर दिए। उनका कहना है कि थाने में भी बेटी ने अपने माता-पिता और भाई-बहनों को पहचानने से इनकार कर दिया, जिससे परिवार को गहरा मानसिक आघात पहुंचा।
परिजनों ने समाजजनों की मौजूदगी में बेटी की तस्वीर रखकर उसका प्रतीकात्मक अंतिम संस्कार किया। इसके बाद परंपरा के अनुसार गोरनी कार्यक्रम भी आयोजित किया गया। परिवार के सदस्यों ने कहा कि अब उनकी बेटी उनके लिए "मृत समान" है और उन्होंने उससे सभी सामाजिक एवं पारिवारिक रिश्ते समाप्त कर दिए हैं।
कार्यक्रम के दौरान परिवार के सदस्य भावुक नजर आए। उनका कहना था कि उन्होंने बेटी का पालन-पोषण बड़े प्यार और संघर्ष के साथ किया था, लेकिन उसके फैसले के बाद परिवार और बेटी के बीच संबंध पूरी तरह टूट गए। घटना की जानकारी मिलने पर समाज के कई लोग भी मौके पर पहुंचे और परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
कार्यक्रम के दौरान मौजूद कुछ समाजजनों ने केंद्र और राज्य सरकार से मांग की कि प्रेम विवाह के मामलों में विवाह पंजीकरण से पहले माता-पिता को सूचना देने जैसी व्यवस्था पर विचार किया जाए, ताकि परिवारों को समय रहते जानकारी मिल सके।
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गौरतलब है कि गुजरात सरकार ने विवाह पंजीकरण नियमों में संशोधन का प्रस्ताव रखा है। प्रस्ताव में प्रेम विवाह या भागकर किए गए विवाह के पंजीकरण से पहले माता-पिता को सूचना देने, उनके आधार विवरण और मोबाइल नंबर दर्ज करने तथा 30 दिन की आपत्ति अवधि रखने का सुझाव शामिल है। हालांकि यह केवल प्रस्तावित व्यवस्था है। मध्य प्रदेश में वर्तमान समय में ऐसा कोई कानून या नियम लागू नहीं है।