Ujjain Bada Ganesh Temple Raksha Bandhan : उज्जैन के प्राचीन बड़ा गणेश मंदिर में इस बार रक्षाबंधन का पर्व स्थानीय आस्था से आगे बढ़कर वैश्विक श्रद्धा का स्वरूप ले चुका है। अमेरिका, जर्मनी, हॉन्गकॉन्ग, सिंगापुर और यूके समेत कई देशों में रहने वाली महिलाएं भगवान गणेश को अपना भाई मानकर राखियां भेज रही हैं। रक्षाबंधन के अवसर पर मंदिर में देश-विदेश से पहुंची इन राखियों को श्रद्धा के साथ भगवान गणेश को अर्पित किया जा रहा है। मंदिर में सजी अलग-अलग रंगों और आकारों की राखियां श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का केंद्र बनी हुई हैं। विदेश में रहने वाली बहनों की ओर से भेजी गई राखियां यह संदेश दे रही हैं कि आस्था और भावनाओं की कोई भौगोलिक सीमा नहीं होती।
बड़ा गणेश मंदिर में राखी भेजने वाली महिलाओं के पीछे अलग-अलग भावनात्मक कहानियां भी हैं। किसी महिला का भाई विदेश में रहता है और दूरी के कारण वह रक्षाबंधन पर उसके पास नहीं पहुंच पाती, तो किसी बहन का भाई अब इस दुनिया में नहीं है। वहीं कई महिलाएं भगवान गणेश को ही अपना भाई मानकर हर वर्ष रक्षासूत्र अर्पित करती हैं। उनके लिए यह केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि भाई के प्रति प्रेम, सुरक्षा और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक है। श्रद्धालुओं का मानना है कि भगवान गणेश को भाई मानकर राखी बांधने से उन्हें मानसिक शांति और अपनेपन का अनुभव होता है।
बड़ा गणेश मंदिर में भगवान गणेश के साथ भाई-बहन के रिश्ते की यह परंपरा लंबे समय से श्रद्धा का हिस्सा रही है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान शिव और माता पार्वती को जगत के माता-पिता का स्वरूप माना जाता है। इसी भावना के आधार पर भगवान गणेश को भाई और रिद्धि-सिद्धि को भाभी के रूप में मानने की परंपरा यहां देखने को मिलती है। रक्षाबंधन के दिन महिलाएं भगवान गणेश को राखी अर्पित कर अपने भाई के रूप में उनका आशीर्वाद लेती हैं। यह परंपरा देश ही नहीं, बल्कि विदेशों में रहने वाली भारतीय महिलाओं को भी उज्जैन से जोड़ रही है।
इस बार बड़ा गणेश मंदिर में रक्षाबंधन को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। मंदिर में भगवान गणेश के लिए 51 फीट लंबी विशाल राखी विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी। इसके साथ ही रिद्धि-सिद्धि के लिए साड़ी और अन्य सामग्री भी श्रद्धालुओं की ओर से भेंट की गई है। भगवान गणेश के वाहन मूषक के लिए भी विशेष आसन श्रद्धा के साथ अर्पित किया गया है। विशाल राखी और अन्य भेंट सामग्री को देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंच रहे हैं। रक्षाबंधन के मौके पर मंदिर का वातावरण धार्मिक उत्साह और भाई-बहन के भावनात्मक रिश्ते से सराबोर नजर आ रहा है।
उज्जैन के बड़ा गणेश मंदिर में रक्षाबंधन की यह परंपरा आस्था के उस स्वरूप को सामने लाती है, जिसमें दूरी कोई मायने नहीं रखती। सात समंदर पार रहने वाली बहनें भी राखी भेजकर भगवान गणेश से अपने भाई का रिश्ता निभा रही हैं। अमेरिका, जर्मनी, हॉन्गकॉन्ग, सिंगापुर और यूके से पहुंचीं राखियां इस बात का प्रतीक हैं कि उज्जैन की धार्मिक परंपराएं अब वैश्विक स्तर पर भी लोगों की भावनाओं से जुड़ रही हैं। रक्षाबंधन पर भगवान गणेश को अर्पित किया गया हर रक्षासूत्र श्रद्धा, प्रेम और विश्वास की उस डोर का प्रतीक बन रहा है, जो दूरी से नहीं टूटती।