Highlights:
सिंहस्थ-2028 के लिए करीब 20 हजार करोड़ रुपये की लागत के 175 निर्माण कार्य प्रगतिरत हैं।
मुख्यमंत्री ने लंबित स्वीकृतियां नवंबर तक लेने के निर्देश दिए।
दिसंबर 2026 से अक्टूबर 2027 के बीच चरणबद्ध तरीके से निर्माण कार्य पूरे करने का लक्ष्य।
पेयजल, सीवरेज, घाटों की एप्रोच रोड, पार्किंग और श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था पर जोर।
सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित बर्तन और सोना-चांदी के व्यापारियों के लिए वैकल्पिक बाजार विकसित करने की योजना।
CM Mohan Yadav On Simhastha Preparations : मध्य प्रदेश में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने समीक्षा बैठक की। बैठक में सिंहस्थ से जुड़े करीब 20 हजार करोड़ रुपये के 175 कार्यों की प्रगति और उन्हें पूरा करने की समयसीमा पर चर्चा की गई। मुख्यमंत्री ने सभी कार्यों को तय समय में पूरा करने और जरूरी स्वीकृतियां जल्द लेने पर जोर दिया।
सिंहस्थ से जुड़े 175 कार्यों को पूरा करने के लिए अलग-अलग समयसीमा निर्धारित की गई है। इनमें से 51 कार्य दिसंबर 2026 तक पूरे किए जाने हैं। इसके बाद जनवरी से मार्च 2027 के बीच 36, अप्रैल से जून 2027 के बीच 61 और जुलाई से अक्टूबर 2027 के बीच 23 कार्य पूरे करने का लक्ष्य रखा गया है।
बैठक में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन कार्यों की स्वीकृतियां अभी लंबित हैं, उन्हें नवंबर तक प्राप्त किया जाए। समयसीमा के अनुसार काम पूरे करने के लिए विभागों के बीच समन्वय बनाने और निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा करने पर भी जोर दिया गया।
सिंहस्थ के दौरान श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुविधाजनक बनाने के लिए घाटों तक पहुंचने वाले मार्गों के विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसके साथ ही पेयजल, सीवरेज, परिवहन, पार्किंग और श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था से जुड़े काम भी प्राथमिकता में हैं। आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उज्जैन पहुंचने की संभावना को देखते हुए इन सुविधाओं का समय पर तैयार होना जरूरी है।
श्रद्धालुओं के ठहरने की व्यवस्था के लिए टेंट सिटी और होम स्टे विकसित करने पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा बिजली आपूर्ति को बेहतर बनाने के लिए अलग विद्युत वितरण संभाग बनाने की योजना पर जोर दिया गया, ताकि सिंहस्थ के दौरान बिजली से जुड़ी व्यवस्थाओं को सुचारु रखा जा सके।
सिंहस्थ की तैयारियों के तहत सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित होने वाले व्यापारियों के पुनर्वास पर भी चर्चा की गई। खास तौर पर बर्तन और सोना-चांदी के कारोबार से जुड़े व्यापारियों के लिए वैकल्पिक बाजार विकसित करने की योजना है। इसके लिए नजर अली मिल या कावेलू फैक्ट्री के आसपास की जगह पर विचार किया जा रहा है। यहां विक्रम क्लॉथ मार्केट की तर्ज पर बाजार विकसित करने की संभावना तलाशी जा रही है।
सिंहस्थ 2028 के लिए बुनियादी सुविधाओं, परिवहन, आवास और व्यापारियों की व्यवस्थाओं से जुड़े कार्यों को समय पर पूरा करना सरकार की प्राथमिकता है। बैठक में निर्धारित समयसीमा के अनुसार काम आगे बढ़ाने और लंबित प्रक्रियाओं को जल्द पूरा करने पर जोर दिया गया।