सिंगरौली में नौकरी का झांसा देकर रकम लेने का आरोप फोटो सोर्स - नवभारत
सिंगरौली

Fraud : नौकरी दिलाने के नाम पर 4 लाख की ठगी का आरोप, जमीन गिरवी रखकर दिए रुपये

Singrauli News : सिंगरौली में नौकरी का झांसा देकर रकम लेने का आरोप। शिकायतकर्ता का दावा न नौकरी मिली, न पैसे वापस मिले, दो लोगों पर लगाए गंभीर आरोप ।

अर्पित पाण्डेय, शाजेब खान

Highlights :

  • सिंगरौली में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपये लेने का आरोप।

  • बेरोजगार युवक विनय कुमार सोनी ने पुलिस महानिरीक्षक, रीवा संभाग से लगाई गुहार।

  • शिकायत में देवाशीष और आलोक चंद्रा पर नौकरी का भरोसा देकर रकम लेने के आरोप।

  • युवक का दावा है कि रकम का इंतजाम करने के लिए जमीन गिरवी रखनी पड़ी।

Job Fraud Case : सिंगरौली में नौकरी की तलाश कर रहे एक बेरोजगार युवक ने नौकरी दिलाने का झांसा देकर लाखों रुपये लेने का आरोप लगाया है। पीड़ित विनय कुमार सोनी ने मामले में पुलिस महानिरीक्षक, रीवा संभाग को लिखित आवेदन देकर रकम वापस दिलाने और जांच कराने की मांग की है।

शिकायत में देवाशीष और आलोक चंद्रा नामक व्यक्तियों पर नौकरी का भरोसा देकर पैसे लेने के आरोप लगाए गए हैं। हालांकि, मामले में आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

कंपनी में नौकरी दिलाने का दिया था भरोसा

शिकायतकर्ता विनय कुमार सोनी सिंगरौली जिले के मोरवा थाना क्षेत्र के झुमरिया निवासी बताए गए हैं। उनके अनुसार नौकरी की तलाश के दौरान उनकी मुलाकात खड़िया, सोनभद्र में नौकरी दिलाने के सिलसिले में कुछ लोगों से हुई थी। आरोप है कि उन्हें टीबी सुपरवाइजर हेल्पर के पद पर भर्ती कराने का भरोसा दिया गया था। शिकायतकर्ता का दावा है कि तत्कालीन एचआर और पीआईसी से जुड़े लोगों के माध्यम से नौकरी दिलाने की बात कही गई लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी नौकरी नहीं मिली।

सितंबर 2025 में किए रुपये ट्रांसफर

विनय कुमार सोनी ने अपने आवेदन में बताया कि उन्होंने 3 सितंबर 2025 को एक लाख रुपये और 5 सितंबर 2025 को 97 हजार रुपये के साथ अतिरिक्त 9 हजार रुपये ट्रांसफर किए थे। शिकायत के अनुसार शुरुआती भुगतान के रूप में कुल 2 लाख 6 हजार रुपये दिए गए। इसके बाद नौकरी के सिलसिले में वे अपने परिचितों के साथ संबंधित लोगों के पास पहुंचे। आरोप है कि वहां उनसे चार लाख रुपये की मांग की गई।

भाई के खाते में चार लाख रुपये देने का आरोप

शिकायतकर्ता के अनुसार इसके बाद उनके भाई आशीष के खाते में चार लाख रुपये ट्रांसफर किए जाने की बात आवेदन में दर्ज है। विनय का आरोप है कि ये रकम उन्होंने अपनी जमीन गिरवी रखकर जुटाई थी। नौकरी मिलने की उम्मीद में किए गए इस इंतजाम के बावजूद उन्हें रोजगार नहीं मिला और उनकी आर्थिक परेशानी बढ़ गई।

बच्चों की फीस जमा करने में भी परेशानी

पीड़ित ने शिकायत में कहा है कि नौकरी नहीं मिलने और रकम वापस न होने के कारण उनका परिवार आर्थिक संकट से गुजर रहा है। उनका दावा है कि संबंधित लोगों से संपर्क करने के बावजूद पैसे वापस नहीं किए जा रहे हैं और उन्हें संतोषजनक जवाब भी नहीं मिल रहा है। विनय के मुताबिक हालात ऐसे हो गए हैं कि बच्चों की स्कूल फीस जमा करने में भी परेशानी हो रही है।

पुलिस महानिरीक्षक से जांच और कार्रवाई की मांग

विनय कुमार सोनी ने पुलिस महानिरीक्षक रीवा संभाग को आवेदन देकर मामले की जांच कराने और अपनी रकम वापस दिलाने की गुहार लगाई है। शिकायत में आलोक चंद्रा और देवाशीष लिंका के नाम का उल्लेख करते हुए कार्रवाई की मांग की गई है। फिलहाल शिकायतकर्ता के आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि और संबंधित पक्षों का जवाब सामने आना बाकी है। लेन-देन के दस्तावेजों और पुलिस जांच के निष्कर्षों के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।

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