महिला की मौत (फोटो सोर्स- नवभारत) 
सीधी

सीधी : झोलाछाप डॉक्टर ने किया इलाज, उपचार के दौरान महिला की मौत, परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

Fake Doctor Treatment : सीधी जिले के जमोड़ी क्षेत्र में कथित झोलाछाप डॉक्टर के इलाज के दौरान महिला की मौत हो गई। परिजनों ने गलत इलाज का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

प्रीतेश जैन

Sidhi Fake Doctor Woman Death : सीधी जिले के जमोड़ी थाना क्षेत्र में एक महिला की उपचार के दौरान मौत के बाद झोलाछाप डॉक्टर पर गंभीर आरोप लगे हैं। मृतका के परिजनों का कहना है कि बिना उचित जांच और चिकित्सकीय योग्यता के इलाज किए जाने से महिला की हालत बिगड़ गई, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है, जबकि पुलिस और स्वास्थ्य विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

जानकारी के अनुसार, जमोड़ी थाना क्षेत्र के बरमबाबा गांव निवासी महिला को उल्टी, दस्त और कमजोरी की शिकायत थी। परिजन उसे इलाज के लिए गांव में प्रैक्टिस करने वाले एक झोलाछाप डॉक्टर के पास ले गए। आरोप है कि इलाज के दौरान महिला की तबीयत लगातार बिगड़ती गई और कुछ ही समय बाद उसकी मौत हो गई।

परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप

मृतका के बेटे का आरोप है कि संबंधित व्यक्ति ने बिना किसी जरूरी जांच और विशेषज्ञ चिकित्सकीय सलाह के दवा दी और उपचार शुरू कर दिया। उनका कहना है कि इसी लापरवाही के कारण उनकी मां की जान चली गई। घटना के बाद परिजन शव को सीधी जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां पोस्टमार्टम कराया जा रहा है।

पुलिस ने शुरू की जांच

पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। यदि जांच में उपचार में लापरवाही या अन्य अनियमितताएं सामने आती हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

झोलाछाप डॉक्टरों पर फिर उठे सवाल

इस घटना के बाद जिले में वर्षों से सक्रिय झोलाछाप डॉक्टरों की कार्यप्रणाली एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। ग्रामीण क्षेत्रों में बिना मान्यता, पंजीकरण और आवश्यक चिकित्सकीय योग्यता के इलाज किए जाने की शिकायतें पहले भी सामने आती रही हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद प्रभावी कार्रवाई नहीं होने से ऐसे लोगों का हौसला बढ़ता जा रहा है।

स्वास्थ्य विभाग के नियम क्या कहते हैं?

स्वास्थ्य विभाग के नियमों के अनुसार, बिना वैध पंजीकरण, चिकित्सकीय डिग्री और अधिकृत लाइसेंस के किसी भी व्यक्ति द्वारा चिकित्सा करना कानून का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में जांच के बाद संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और प्रशासन पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है।

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