Highlights :
सिवनी जिले के लखनादौन सिविल अस्पताल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल।
अस्पताल के गेट पर तैनात दिव्यांग सुरक्षा गार्ड मरीज का चेकअप करते नजर आया।
अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं पर उठे सवाल।
बीएमओ अशोक सैलाम ने वायरल वीडियो की पुष्टि कर जांच की बात कही।
Seoni Lakhnadon Civil Hospital : सिवनी जिले के लखनादौन सिविल अस्पताल से स्वास्थ्य व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला एक वीडियो सामने आया है। वीडियो में अस्पताल के गेट पर तैनात एक दिव्यांग सुरक्षा गार्ड मरीज का चेकअप करते हुए नजर आ रहा है।
इस घटना के सामने आने के बाद अस्पताल में मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
अस्पताल में सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संभालने वाले गार्ड का मरीजों की जांच करते नजर आना चर्चा का विषय बन गया है। अस्पताल में आने वाले मरीज बेहतर इलाज और चिकित्सकीय सुविधाओं की उम्मीद करते हैं। लेकिन वायरल वीडियो ने वहां की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर सुरक्षा गार्ड को मरीजों की जांच करने की नौबत क्यों आई?
लखनादौन सिविल अस्पताल से जुड़ा ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद स्वास्थ्य विभाग का ध्यान इस ओर गया । ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) अशोक सैलाम ने वायरल वीडियो की पुष्टि करते हुए कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने कहा कि वो इसकी जांच करेंगे। अब इस मामले में जांच के बाद ही घटना से जुड़ी परिस्थितियां स्पष्ट हो सकेंगी।
इस घटना के बाद अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं के संचालन और कर्मचारियों की उपलब्धता को लेकर सवाल उठ रहे हैं। क्या अस्पताल में मरीजों की जांच के लिए पर्याप्त स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं हैं? यदि मेडिकल स्टाफ उपलब्ध है तो फिर सुरक्षा गार्ड मरीज का चेकअप क्यों करता नजर आया? फिलहाल सामने आए वीडियो के आधार पर इन सवालों के जवाब सामने आना बाकी है।
अस्पताल में मरीजों की जांच और उपचार की जिम्मेदारी प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की होती है। ऐसे में सुरक्षा गार्ड के मरीज का चेकअप करने का मामला अस्पताल प्रबंधन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े करता है। हालांकि वीडियो में दिखाई देने वाली घटना के पीछे की पूरी वजह और संबंधित परिस्थितियों की जानकारी जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।
अब देखना होगा कि सिवनी जिले के लखनादौन सिविल अस्पताल प्रबंधन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं। साथ ही, ये भी महत्वपूर्ण होगा कि मरीजों की जांच के लिए पर्याप्त स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित है या नहीं। फिलहाल बीएमओ ने जांच की बात कही है। जांच के निष्कर्ष और आगे होने वाली कार्रवाई का इंतजार है।