Bhavantar Yojana Madhya Pradesh: मुख्यमंत्री मोहन यादव ने सिवनी जिला मुख्यालय में आयोजित राज्य स्तरीय धान महोत्सव में प्रदेश के अन्नदाताओं के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने किसानों को इस धरा का वास्तविक शुभंकर बताते हुए कहा कि सरकार का मुख्य संकल्प किसानों की खुशहाली सुनिश्चित करना है।
मुख्यमंत्री ने धान उत्पादक किसानों के हित में बड़ी घोषणा करते हुए स्पष्ट किया कि अब धान की फसल पर भी भावांतर योजना का लाभ दिया जाएगा। राज्य सरकार न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) और बाजार मूल्य के बीच के अंतर की राशि का भुगतान सीधे किसानों के खातों में करेगी, जिससे उन्हें आर्थिक सुरक्षा मिलेगी।
'रानी दुर्गावती श्रीअन्न प्रोत्साहन योजना' के तहत प्रदेश के 3,941 किसानों को 1,000 रुपये प्रति क्विंटल की दर से बोनस दिया गया। इसके तहत कुल 2 करोड़ 84 लाख रुपये की राशि सीधे किसानों के खातों में अंतरित की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि डिंडौरी की सिताही कुटकी, नागदमन कुटकी और बैंगनी अरहर को वैश्विक जीआई टैग मिलने से अब श्रीअन्न को नई पहचान मिली है।
सिवनी जिले को सौगात देते हुए मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने 494 करोड़ 16 लाख रुपये की लागत से 629 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमि-पूजन किया। इसमें प्रमुख रूप से बालाघाट से सिवनी तक फोरलेन रोड का निर्माण, छपारा ब्लॉक में शासकीय महाविद्यालय, हर विधानसभा क्षेत्र में मिनी स्टेडियम और ग्राम छिड़िया पलारी में नगर वन की स्थापना शामिल है।
'मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) 2.0 योजना' के जरिए 16,754 से अधिक श्रमिक परिवारों को 365 करोड़ रुपये की अनुग्रह सहायता राशि वितरित की गई। साथ ही, आयुष्मान भारत योजना के तहत 5 लाख रुपये तक के नि:शुल्क इलाज और संबल के तहत दुर्घटना या मृत्यु होने पर दी जाने वाली आर्थिक सहायता को सरकार की प्राथमिकता बताया गया।
मुख्यमंत्री ने किसानों का आह्वान किया कि वे पारंपरिक खेती के साथ-साथ पशुपालन, मछली पालन और फसल विविधीकरण को अपनाएं। उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश सबसे कम बेरोजगारी दर वाला राज्य है और सरकार युवाओं को नए कॉलेज और प्रशिक्षण के अवसर उपलब्ध करा रही है। खाद वितरण की व्यवस्था को एग्रीटेक सिस्टम से जोड़ा जा रहा है ताकि गड़बड़ियों पर अंकुश लग सके।
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कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने स्वयं खेत में उतरकर धान की रोपाई की और किसान दौलतराम बिसेन के आग्रह पर खेत में बैठकर पारंपरिक 'सिदोरी' भोजन का आनंद लिया। उन्होंने इस अनुभव को गौरवशाली परंपरा का हिस्सा बताया।
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