Ichhawar Waterlogging Issue: पहली ही मानसून की बारिश ने इछावर नगर परिषद के विकास के दावों की कलई खोलकर रख दी है। नगर का प्रमुख पान चौराहा और उसके आसपास का पूरा इलाका जलमग्न हो गया है। हालात इस कदर बदतर हो चुके हैं कि सड़कें अब राहगीरों के चलने लायक नहीं, बल्कि नाव चलाने लायक तालाब में तब्दील हो चुकी हैं। नगर परिषद की इस घोर लापरवाही और जलभराव की समस्या के खिलाफ आज वार्ड पार्षद जुनैद खान (सोनू) ने एक बेहद अनोखा और कड़ा विरोध दर्ज कराया।
पार्षद जुनैद खान ने घुटनों तक भरे गंदे पानी के बीच सड़क पर बाकायदा नाव चलाई। इस नजारे को देखकर हर कोई हैरान रह गया, वहीं स्थानीय नागरिकों ने नगर परिषद प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
स्थानीय निवासियों और पार्षद का आरोप है कि इस गंभीर समस्या को लेकर नगर परिषद को कई बार लिखित शिकायतें दी गईं, ज्ञापन सौंपे गए और यहाँ तक कि धरना प्रदर्शन भी किया गया। लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंगी। परिषद ने सिर्फ आश्वासनों का झुनझुना थमाया, जिसका नतीजा आज पूरा क्षेत्र भुगत रहा है। नालों की समय पर सफाई न होना और निकासी की सही व्यवस्था न होना इस जलभराव का मुख्य कारण है।
इस अनोखे प्रदर्शन के बाद अब इछावर की जनता सीधे जिला प्रशासन से सवाल पूछ रही है कि उन्हें टैक्स देने के बदले सड़क चाहिए या तालाब? उन्हें स्थायी समाधान चाहिए या सिर्फ खोखले आश्वासन? जलभराव के कारण न केवल राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी हो रही है, बल्कि आस-पास के दुकानदारों और घरों में भी गंदा पानी घुस रहा है, जिससे भारी नुकसान की आशंका बनी हुई है।
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पार्षद जुनैद खान (सोनू) ने चेतावनी देते हुए कहा कि यह तो सिर्फ शुरुआत है। अगर नगर परिषद ने जल्द ही ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त नहीं किया और जल निकासी का स्थायी समाधान नहीं निकाला, तो आने वाले दिनों में उग्र आंदोलन किया जाएगा। अब समय आ गया है कि प्रशासन नींद से जागे और कागजी दावों से बाहर निकलकर जमीन पर काम करे, ताकि हर बारिश में इछावर की जनता को इस नारकीय स्थिति से न गुजरना पड़े।
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