Highlights:
सागर में अंडरगारमेंट्स के विज्ञापनों की तस्वीरों पर हिंदू संगठनों ने आपत्ति जताई।
विरोध के दौरान कार्यकर्ताओं ने कुछ पोस्टर फाड़ दिए।
दिनकर तिवारी ने सार्वजनिक होर्डिंग्स पर विज्ञापन सामग्री की निगरानी की मांग की।
संगठन ने विज्ञापनों को सार्वजनिक स्थानों से हटाने की मांग की।
मामले में नगर निगम का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है।
Sagar Undergarments Advertisement Controversy : सागर में अंडरगारमेंट्स के विज्ञापनों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। शहर के सार्वजनिक स्थानों पर लगाए गए विज्ञापन पोस्टरों पर हिंदू संगठनों के सदस्यों ने आपत्ति जताई। विरोध के दौरान कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर कुछ पोस्टर फाड़ दिए और विज्ञापन सामग्री हटाने की मांग की।
संगठन का कहना है कि विज्ञापनों में इस्तेमाल की गई तस्वीरें सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित करने के लिहाज से उचित नहीं हैं। इससे महिलाओं और परिवारों को असहजता हो सकती है। मामले में अब तक नगर निगम का आधिकारिक पक्ष सामने नहीं आया है।
जानकारी के अनुसार, सागर शहर में अंडरगारमेंट्स के प्रचार के लिए सार्वजनिक स्थानों पर पोस्टर और होर्डिंग लगाए गए हैं। इन विज्ञापनों में इस्तेमाल की गई तस्वीरों को लेकर हिंदू संगठनों के सदस्यों ने विरोध दर्ज कराया। कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर कुछ पोस्टर फाड़ दिए और संबंधित विज्ञापन सामग्री हटाने की मांग की। संगठन का कहना है कि सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित होने वाले विज्ञापनों में स्थानीय सामाजिक परिस्थितियों और आम लोगों की सुविधा का ध्यान रखा जाना चाहिए।
हिंदू संगठन के सदस्य दिनकर तिवारी ने आरोप लगाया कि नगर निगम की विज्ञापन व्यवस्था के तहत लगाए गए होर्डिंग्स का इस्तेमाल निजी कंपनियां अपने उत्पादों के प्रचार के लिए कर रही हैं। उन्होंने अंडरगारमेंट्स के कुछ विज्ञापनों में इस्तेमाल की गई तस्वीरों पर आपत्ति जताते हुए कहा कि ऐसी सामग्री सार्वजनिक स्थानों पर प्रदर्शित करने के लिहाज से उचित नहीं है। उनके मुताबिक, शहर के व्यस्त इलाकों में इस तरह के विज्ञापन लगाए जाने से महिलाओं और परिवारों को असहजता महसूस हो सकती है।
सागर में प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं ने मांग की कि सार्वजनिक स्थानों पर विज्ञापन लगाने से पहले उनकी सामग्री और तस्वीरों पर उचित ध्यान दिया जाए। संगठन ने संबंधित जिम्मेदारों से मामले में हस्तक्षेप करने और विज्ञापन व्यवस्था की निगरानी सुनिश्चित करने की मांग की है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि होर्डिंग्स पर प्रदर्शित सामग्री निर्धारित नियमों के अनुरूप होनी चाहिए, ताकि सार्वजनिक स्थानों पर आने-जाने वाले लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
विज्ञापनों को लेकर विरोध के बाद मामला शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है। फिलहाल सागर नगर निगम की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। यह भी स्पष्ट नहीं है कि संबंधित विज्ञापनों को किन शर्तों के तहत अनुमति दी गई थी और पोस्टरों के संबंध में कोई औपचारिक शिकायत दर्ज कराई गई है या नहीं। अब संबंधित विभाग की प्रतिक्रिया और विज्ञापन सामग्री को लेकर संभावित कार्रवाई पर नजर रहेगी।