'आश्वासन नहीं समाधान चाहिए', सागर में नगर निगम कर्मचारियों का आंदोलन तीसरे दिन भी जारी; 13 मांगों को लेकर धरना

Protest In Sagar Nagar Nigam: सागर नगर निगम में महा-हड़ताल, तीसरे दिन भी धरने पर डटे कर्मचारी, GPF-NPS और नियमितीकरण पर अड़े, कमिश्नर ने मांगा 8 जुलाई तक का समय, लिखित आदेश की मांग।
Sagar Municipal Corporation employees continue protest for third day
सागर में नगर निगम कर्मचारियों का धरना प्रदर्शन (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Sagar Nagar Nigam Employees Protest: सागर नगर निगम कर्मचारियों का आंदोलन अब लगातार तेज होता नजर आ रहा है। अपनी 13 सूत्रीय मांगों को लेकर कर्मचारी तीसरे दिन भी धरने पर डटे रहे और साफ शब्दों में कहा कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं होगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।

शुक्रवार दोपहर पुराने नगर निगम कार्यालय परिसर में बड़ी संख्या में कर्मचारी एकत्रित हुए और विरोध प्रदर्शन किया। धरने के दौरान कर्मचारियों ने प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि अब सिर्फ आश्वासनों से काम नहीं चलेगा, बल्कि समस्याओं का स्थायी समाधान चाहिए।

आयुक्त ने मांगों के निराकरण के लिए मांगा समय- प्रदर्शनकारी

कर्मचारियों का कहना है कि नगर निगम आयुक्त ने उनकी मांगों के निराकरण के लिए 8 जुलाई तक का समय मांगा है, लेकिन इससे पहले भी कई बार इसी तरह के आश्वासन दिए जा चुके हैं। कर्मचारियों का आरोप है कि हर बार समस्याओं को टाल दिया जाता है और समाधान की जगह केवल वादे किए जाते हैं। धरने में शामिल कर्मचारियों ने कहा कि इस बार जब तक लिखित रूप में निर्णय नहीं लिया जाएगा और मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होगी, तब तक आंदोलन वापस नहीं लिया जाएगा।

क्या है प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों की प्रमुख मांगें?

कर्मचारियों की प्रमुख मांगों में नियमित वेतन भुगतान, जीपीएफ और एनपीएस की लंबित राशि कर्मचारियों के खातों में जमा कराना, दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों का नियमितीकरण, सेवानिवृत्त और दिवंगत कर्मचारियों के स्वत्वों का भुगतान, महंगाई भत्ते का एरियर, अनुकंपा नियुक्ति, समयमान वेतनमान का लाभ और सफाई कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश देने जैसी कई महत्वपूर्ण मांगें शामिल हैं।

कर्मचारियों द्वारा लंबे समय से उठाई जा रही मांगे

कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से इन मुद्दों को लेकर आवाज उठाई जा रही है लेकिन अब तक कोई संतोषजनक पहल नहीं हुई है, जिससे कर्मचारियों में लगातार असंतोष बढ़ रहा है। अब सभी की नजरें निगम प्रशासन के अगले कदम पर टिकी हैं। क्योंकि यदि यह आंदोलन और लंबा खिंचता है, तो शहर की व्यवस्थाओं पर भी इसका असर पड़ सकता है।

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