तालाब में डूबे 2 बच्चे (फोटो सोर्स- नवभारत) 
सागर

सागर में दर्दनाक हादसा: तालाब में नहाने गए दो मासूमों की डूबने से मौत, गांव में पसरा मातम

Two Children Drowned: रहली थाना क्षेत्र में तालाब में नहाने गए दो मासूम बच्चों की डूबने से मौत हो गई। हादसे के बाद गांव में मातम पसरा है। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है।

प्रीतेश जैन

Sagar Pond Drowning News : सागर जिले के रहली थाना क्षेत्र में शनिवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को गमगीन कर दिया। तालाब में नहाने गए दो मासूम बच्चों की डूबने से मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। काफी प्रयास के बाद दोनों बच्चों को तालाब से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी जान जा चुकी थी। इस हादसे के बाद दोनों परिवारों में मातम पसरा हुआ है।

जानकारी के अनुसार, घटना रहली थाना क्षेत्र की बलेह चौकी अंतर्गत ग्राम गुड़ा खुर्द के पास स्थित चंदेना तालाब, सलैया की है। शनिवार दोपहर करीब 2:30 बजे 11 वर्षीय लवकुश पिता राहुल सिंह आदिवासी और 12 वर्षीय शिवम पिता बाबू यादव अपने कुछ दोस्तों के साथ तालाब में नहाने पहुंचे थे। नहाते समय दोनों बच्चे अचानक गहरे पानी में चले गए। साथ मौजूद अन्य बच्चे उन्हें बचा नहीं सके और घबराकर गांव पहुंचकर घटना की सूचना दी।

कड़ी मशक्कत के बाद मिले बच्चों के शव

सूचना मिलते ही ग्रामीण बड़ी संख्या में तालाब पर पहुंचे और बच्चों की तलाश शुरू की। कुछ ही देर बाद बलेह चौकी पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। ग्रामीणों और पुलिस की मदद से दोनों बच्चों को तालाब से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। इसके बाद पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई पूरी कर दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रहली भेज दिया।

पूरे गांव में शोक का माहौल

सागर पुलिस ने मर्ग कायम कर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस हृदयविदारक घटना से पूरे गांव में शोक का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और ग्रामीण भी बच्चों की असमय मौत से स्तब्ध हैं। मासूमों की मौत ने सभी की आंखें नम कर दी हैं।

बारिश में बढ़ जाता है खतरा

बरसात के मौसम में तालाब, नदी और अन्य जलाशयों का जलस्तर बढ़ जाने से इस तरह के हादसों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। प्रशासन समय-समय पर लोगों से अपील करता है कि बच्चों को अकेले तालाब, नदी या अन्य गहरे जलाशयों के पास न जाने दें और उनकी गतिविधियों पर नजर रखें। विशेषज्ञ भी सलाह देते हैं कि बरसात के दौरान जलाशयों में नहाने से बचना चाहिए, क्योंकि गहराई और तेज बहाव का सही अनुमान लगाना मुश्किल होता है। यह दर्दनाक घटना एक बार फिर बच्चों की सुरक्षा और अभिभावकों की सतर्कता की अहम जरूरत की याद दिलाती है।

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