कपड़े की पोटली में बच्चे को ले जाते परिजन फोटो सोर्स- सोशल मीडिया
रीवा

रीवा में बदहाल सड़क के आगे बेबस ग्रामीण, बीमार बच्चे को कपड़े की पोटली में बांध 3 किमी तक पैदल चले परिजन

Rewa Heavy Rain : रीवा के जवा क्षेत्र में बारिश से सड़क क्षतिग्रस्त होने के बाद बीमार बच्चे को परिजन कपड़े की पोटली में बांधकर 2 से 3 KM पैदल मुख्य सड़क तक ले गए। वीडियो सामने आया है।

अर्पित पाण्डेय, प्रीतेश जैन

Rewa Road Problem : रीवा जिले के जवा जनपद क्षेत्र से सामने आया एक वीडियो ग्रामीण इलाकों में बारिश के दौरान पैदा होने वाली मुश्किलों की तस्वीर दिखा रहा है। लगातार बारिश के चलते मिनी बाणसागर नहर का एक हिस्सा सड़क में समा गया है। इसके कारण जवा तहसील की ग्राम पंचायत कोनीकलां के पौखरी टोला का संपर्क मार्ग प्रभावित हो गया है।

हालात इतने खराब हैं कि बीमार बच्चे को अस्पताल पहुंचाने के लिए उसके परिजनों को कपड़े की पोटली का सहारा लेना पड़ा। पौखरी टोला निवासी मिथलेश केवट के करीब 10 से 12 वर्षीय भाई की तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे अस्पताल ले जाने के लिए घर से निकले, लेकिन गांव तक वाहन पहुंचने का रास्ता नहीं था।

कंधे पर उठाकर 2 से 3 किलोमीटर पैदल सफर

वाहन की सुविधा नहीं मिलने पर परिजनों ने बच्चे को कपड़े की पोटली में बांधा और कंधे पर उठाकर करीब 2 से 3 किलोमीटर तक पैदल चले। पानी और खराब रास्ते के बीच किसी तरह मुख्य सड़क तक पहुंचने के बाद बच्चे को मोटरसाइकिल से अस्पताल ले जाया गया।

वीडियो में दिखी ग्रामीणों की मजबूरी

इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। वीडियो में परिजन बच्चे को कंधे पर लेकर पानी और खराब रास्ते के बीच पैदल जाते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीण क्षेत्र में सड़क और आवागमन की व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।

बारिश में कई टोले बन जाते हैं टापू

ग्रामीणों के मुताबिक, कोनीकलां ग्राम पंचायत की आबादी करीब 6 से 7 हजार है। भारी बारिश के कारण पंचायत के कई टोले पानी से घिर जाते हैं और संपर्क मार्ग प्रभावित हो जाता है। सड़क की खराब स्थिति के चलते बारिश के दौरान वाहनों का गांव तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है।

मरीजों और गर्भवती महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी

ग्रामीणों का कहना है कि इस समस्या का सबसे ज्यादा असर मरीजों, बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं पर पड़ता है। आपात स्थिति में लोगों को कई किलोमीटर पैदल चलकर मुख्य सड़क तक पहुंचना पड़ता है। समय पर वाहन नहीं मिलने के कारण गंभीर मरीजों को अस्पताल ले जाना भी चुनौती बन जाता है।

ग्रामीणों ने स्थायी सड़क की मांग उठाई

वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से गांव तक सुरक्षित और स्थायी आवागमन व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बारिश के मौसम में इसी तरह की स्थिति बनती है, लेकिन अब तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो पाया है। ग्रामीण सुनील साहू ने भी सड़क और संपर्क मार्ग की समस्या को लेकर प्रशासन से कार्रवाई की मांग की है।

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