रीवा में जवानों ने बचाई हजार लोगों की जान (सोर्स- सोशल मीडिया)
रीवा

जिंदगी और मौत के बीच देवदूत बने जवान! रीवा बाढ़ में SDRF-NDRF ने बचाई 1,000 लोगों की जान

Rewa Flood SDRF-NDRF Rescue Operation: चार दिनों की मूसलाधार बारिश के बाद तबाही, उफनती नदियों और तेज बहाव के बीच उम्मीद की किरण बने SDRF-NDRF के जवान। जान जोखिम में डालकर बचाई 1,000 जिंदगियां।

अर्पित पाण्डेय, सजल रघुवंशी

Rewa Flood Rescue Operation: रीवा में लगातार चार दिनों तक हुई बारिश के बाद जिले के कई हिस्सों में बाढ़ जैसे हालात बन गए। उफनती नदियां, तेज बहाव, डूबे रास्ते और घरों में घुसा पानी लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गया। ऐसे मुश्किल वक्त में एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के जवान उम्मीद की किरण बनकर सामने आए।

अपनी जान जोखिम में डालकर जवान लगातार रेस्क्यू ऑपरेशन में जुटे रहे और करीब एक हजार लोगों को सुरक्षित बाहर निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कई जगह हालात इतने गंभीर थे कि जिंदगी और मौत के बीच महज कुछ मिनटों का अंतर रह गया था। घरों में फंसे परिवारों, बच्चों और बुजुर्गों तक जवानों ने पहुंच बनाई।

विकास पाण्डेय ने पानी में संभाला मोर्चा

बाढ़ राहत और बचाव अभियान में एसडीआरएफ की टीम के विकास पाण्डेय ने भी विशेष सक्रियता दिखाई। तेज बहाव और गहरे पानी के बीच उन्होंने कई रेस्क्यू ऑपरेशन में हिस्सा लिया और मुश्किल परिस्थितियों में फंसे लोगों को सुरक्षित निकालने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। कई इलाकों में सड़क और सामान्य रास्ते पूरी तरह डूब जाने के बाद जवानों ने खुद पानी में उतरकर लोगों तक पहुंच बनाई। उनके लिए हर रेस्क्यू सिर्फ एक कार्रवाई नहीं था, बल्कि पानी में फंसी जिंदगी को सुरक्षित बाहर निकालने की जिम्मेदारी थी।

तीन गर्भवती महिलाओं और 4 दिन के मासूम को बचाया

बाढ़ के दौरान एसडीआरएफ-एनडीआरएफ के सामने सबसे चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां तब आईं, जब गर्भवती महिलाएं और नवजात बच्चे पानी के बीच फंस गए। रेस्क्यू टीम ने तीन गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया। वहीं एक बेहद मार्मिक रेस्क्यू में महज चार दिन का नवजात शिशु भी बाढ़ के बीच फंस गया था। जवानों ने जोखिम उठाकर परिवार तक पहुंच बनाई और मासूम को सुरक्षित बाहर निकाला। परिवार के लिए यह पल किसी नई जिंदगी मिलने से कम नहीं था।

जहां नाव नहीं पहुंची, वहां जवान खुद पानी में उतरे

बाढ़ के कई इलाकों में पानी का बहाव इतना तेज था कि नाव से पहुंचना भी मुश्किल हो रहा था। ऐसे स्थानों पर एसडीआरएफ और एनडीआरएफ के जवान कमर तक पानी और तेज धार के बीच आगे बढ़े। किसी को हाथ पकड़कर तो किसी को कंधे का सहारा देकर सुरक्षित निकाला गया। चार दिनों में करीब एक हजार लोगों को बचाने का अभियान सिर्फ राहत कार्य नहीं, बल्कि जवानों के साहस और मानवीय संवेदना की मिसाल बन गया। रीवा जिले ने जहां बाढ़ की तबाही देखी, वहीं इसी संकट के बीच एसडीआरएफ-एनडीआरएफ जवानों ने इंसानियत की ऐसी तस्वीर पेश की, जिसे लोग लंबे समय तक याद रखेंगे। बाढ़ में फंसे परिवारों के लिए ये जवान सिर्फ रेस्क्यू टीम नहीं, बल्कि उस वक्त सहारा बने जब चारों तरफ पानी और खतरा नजर आ रहा था।

मुक्के-लातों से किया हमला! कांग्रेस के प्रदर्शन के बीच छलका पुलिसकर्मियों का दर्द, सुनाई पूरी आपबीती

भाजपा के नेता हैं मिथुन... पश्चिम बंगाल सरकार में कैबिनेट रैंक मिलने पर आनंद दुबे की प्रतिक्रिया

INDIA Bloc Protest: राजघाट पर विपक्ष का प्रदर्शन, राहुल बोले- मोदी-शाह, ज्ञानेश ने देश को हाइजैक किया

Starlink पर भारत सरकार से भिड़े एलन मस्क, पूछा- क्या अंबानी भारत के असली बॉस हैं?

मोदी और स्विट्जरलैंड के राष्ट्रपति से मिले आगरा के उद्योगपति पूरन डावर, हैदराबाद हाउस में बनी यादगार तस्वीर