Rewa Ambulance Road Issue: रीवा जिले में मानसून की पहली बारिश ने ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं की वास्तविक स्थिति उजागर कर दी। मनगवां विधानसभा क्षेत्र के नदना गांव में आकाशीय बिजली की चपेट में आई एक महिला तक एंबुलेंस नहीं पहुंच सकी। मजबूरी में परिजनों और ग्रामीणों ने महिला को खाट पर लिटाकर कंधों के सहारे मुख्य सड़क तक पहुंचाया, जहां से उसे अस्पताल ले जाया गया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर रहा है।
जानकारी के अनुसार, मनगवां थाना क्षेत्र के नदना गांव में रविवार को बारिश के दौरान एक महिला खेत के पास मौजूद थी। इसी दौरान वह आकाशीय बिजली की चपेट में आ गई, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। घटना के तुरंत बाद परिजनों ने एंबुलेंस सेवा को सूचना दी, लेकिन गांव तक जाने वाला संपर्क मार्ग बारिश के कारण कीचड़ और दलदल में तब्दील हो चुका था। खराब सड़क की वजह से एंबुलेंस गांव तक नहीं पहुंच सकी।
महिला की हालत बिगड़ती देख ग्रामीणों ने समय गंवाना उचित नहीं समझा। उन्होंने एक खाट का इंतजाम किया और महिला को उस पर लिटाकर कई लोगों ने बारी-बारी से कंधों पर उठाया। कीचड़ और उबड़-खाबड़ रास्तों से गुजरते हुए ग्रामीण महिला को मुख्य सड़क तक लेकर पहुंचे, जहां एंबुलेंस की मदद से उसे अस्पताल भेजा गया। फिलहाल महिला का उपचार जारी है।
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं को लेकर एक बार फिर बहस छिड़ गई है। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि ग्रामीण बारिश के बीच फिसलन भरे रास्ते पर खाट उठाकर महिला को ले जा रहे हैं। यह दृश्य बताता है कि आपातकालीन स्थिति में भी गांव तक स्वास्थ्य सेवाएं समय पर नहीं पहुंच पा रही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि नदना गांव का संपर्क मार्ग हर साल बारिश के मौसम में खराब हो जाता है। सड़क पर कीचड़ भर जाने से एंबुलेंस, स्कूल वाहन और अन्य आवश्यक सेवाओं का गांव तक पहुंचना मुश्किल हो जाता है। उनका आरोप है कि कई बार सड़क निर्माण और मरम्मत की मांग प्रशासन के सामने रखी गई, लेकिन अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। परिणामस्वरूप हर वर्ष बरसात के दौरान ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
इस घटना ने ग्रामीण सड़क निर्माण, आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं और प्रशासनिक तैयारियों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते सड़क की मरम्मत और बेहतर संपर्क मार्ग की व्यवस्था होती, तो एंबुलेंस सीधे महिला तक पहुंच सकती थी और ग्रामीणों को इस तरह जान जोखिम में डालकर उसे खाट पर ले जाने की नौबत नहीं आती।
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फिलहाल महिला का अस्पताल में इलाज चल रहा है। वहीं, वीडियो वायरल होने के बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है और नदना गांव सहित ऐसे अन्य ग्रामीण इलाकों में सड़क और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए क्या ठोस कदम उठाए जाते हैं।