Panna Tiger Reserve Tiger Death: मध्य प्रदेश के पन्ना टाइगर रिजर्व (PTR) में वन्यजीव प्रेमियों के लिए चिंता बढ़ाने वाली खबर सामने आई है। किशनगढ़ कोर रेंज के अंतर्गत बृजपुरा बीट के दुर्गम पहाड़ी क्षेत्र में गश्ती दल को एक वयस्क नर बाघ का शव मिला। पिछले तीन महीनों के भीतर पन्ना टाइगर रिजर्व में बाघ की मौत की यह तीसरी घटना है, जिसके बाद पार्क की सुरक्षा और निगरानी व्यवस्था को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
पन्ना टाइगर रिजर्व के उप संचालक वीरेंद्र कुमार पटेल के अनुसार, मृत बाघ के सभी अंग सुरक्षित पाए गए हैं। बाघ के शरीर पर आपसी संघर्ष या किसी तरह की चोट के निशान नहीं मिले हैं। प्रारंभिक जांच में मौत का कारण प्राकृतिक माना जा रहा है। हालांकि, मौत की वास्तविक वजह का पता पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी और डॉक्टर मौके पर पहुंचे। नियमानुसार बाघ के शव का पोस्टमार्टम किया गया और फॉरेंसिक जांच के लिए आवश्यक सैंपल एकत्र किए गए। इसके बाद राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (NTCA) के दिशा-निर्देशों के अनुसार बाघ का सम्मानपूर्वक अंतिम संस्कार कर दिया गया।
पन्ना टाइगर रिजर्व में लगातार हो रही बाघों की मौत ने वन्यजीव संरक्षण को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इससे पहले गंगऊ क्षेत्र में एक बाघ का कंकाल मिला था, जबकि तारा गांव से रेस्क्यू किए गए रेडियो कॉलर वाले बाघ की भी मौत हो चुकी है। लगातार सामने आ रही इन घटनाओं के बाद पार्क प्रबंधन की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
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वन विभाग का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और फॉरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, बाघ की मौत के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो पाएगी।