नरसिंहपुर में CM मोहन यादव के हेलीकॉप्टर की लैंडिंग के दौरान गिरा पंडाल
पंडाल के नीचे बैठे थे कैबिनेट मंत्री, सांसद, विधायक और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी
हेलीकॉप्टर की तेज हवा से उखड़ा पंडाल, हवा में उड़ने लगा पर्दा
CM के कार्यक्रम में सुरक्षा इंतजामों पर उठे सवाल, प्रशासनिक तैयारियों पर निशाना
Tent Collapse Narsinghpur CM Event: मध्य प्रदेश के नरसिंहपुर जिले में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के कार्यक्रम के दौरान बड़ा हादसा होते-होते टल गया। संदीपनी विद्यालय के शुभारंभ कार्यक्रम में पहुंचे मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर की लैंडिंग के दौरान हेलिपैड पर लगा पंडाल उखड़कर गिरने लगा। उस समय पंडाल के नीचे प्रदेश के कैबिनेट मंत्री, सांसद, विधायक और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी बैठे हुए थे।
घटना में बड़ा नुकसान होने की आशंका पैदा हो गई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हेलीकॉप्टर के गुजरने से तेज हवा चली, जिससे पंडाल का ढांचा गिर गया और पर्दा हवा में उड़ने लगा। इस घटना ने मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की तैयारियों और सुरक्षा इंतजामों पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
घटना नरसिंहपुर के खेरी नाका स्थित पुराने सोयाबीन प्लांट की जमीन पर बनाए गए हेलिपैड की बताई जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव संदीपनी विद्यालय के शुभारंभ कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान हेलीकॉप्टर के हेलिपैड पर उतरते समय वहां लगा पंडाल उखड़कर नीचे गिरने लगा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पंडाल बड़े-बड़े पाइपों के सहारे लगाया गया था, लेकिन हेलीकॉप्टर से उठी तेज हवा के कारण उसका ढांचा टिक नहीं सका।
घटना के समय पंडाल के नीचे कैबिनेट मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल, स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह, नर्मदापुरम सांसद दर्शन सिंह चौधरी, गोटेगांव विधायक महेंद्र नागेश, भाजपा जिलाध्यक्ष रामस्नेही पाठक, पूर्व मंत्री जालम सिंह पटेल और पूर्व राज्यसभा सांसद कैलाश सोनी सहित कई लोग मौजूद थे। इसके अलावा जबलपुर संभाग के आयुक्त, नरसिंहपुर कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक समेत अन्य अधिकारी भी वहां बैठे थे। ऐसे में पंडाल गिरने से गंभीर हादसा होने की आशंका पैदा हो गई थी।
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, पंडाल का पर्दा भी हवा में ऊपर उछल गया था। आशंका जताई गई कि यदि पर्दा हेलीकॉप्टर में फंस जाता, तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी। घटना ने आयोजन स्थल पर लगाए गए अस्थायी ढांचे की मजबूती और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं। स्कूल शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन की तैयारियों की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
मुख्यमंत्री के आगमन के लिए तैयारियां की गई थीं, लेकिन पंडाल गिरने की घटना ने व्यवस्थाओं की जांच की जरूरत पैदा कर दी है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, घटना के बाद जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की पुष्टि नहीं हुई है। हालांकि, इस मामले में प्रशासन का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। अब देखना होगा कि घटना की जांच कराई जाती है या नहीं और सुरक्षा मानकों में कथित लापरवाही के लिए जिम्मेदारी तय की जाती है।