Narendra Singh Tomar Kushwaha Statement: विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के एक बयान ने प्रदेश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। मुरैना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि "कुशवाह समाज बीच-बीच में इधर-उधर गुलाटियां खाता रहा, जिससे उसने अपनी विश्वसनीयता को खंडित किया। लोकतंत्र में पूछ और प्रतिष्ठा उसी की रहती है, जो एक खूंटे से बंधकर रहता है।" उनके इस बयान के सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं शुरू हो गईं।
जानकारी के अनुसार, भाजपा के मुरैना जिलाध्यक्ष कमलेश कुशवाह के निवास पर कुशवाह समाज का एक कार्यक्रम आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद थे। इसी दौरान नरेंद्र सिंह तोमर ने भाजपा और कुशवाह समाज के पुराने संबंधों का जिक्र करते हुए पूर्व नेता कालीचरण कुशवाह का उदाहरण दिया। इसी भाषण में उन्होंने समाज के राजनीतिक रुख को लेकर विवादित टिप्पणी की।
विधानसभा अध्यक्ष के बयान पर कुशवाह समाज के कई जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों ने कड़ी आपत्ति जताई है। सबलगढ़ के पूर्व विधायक बैजनाथ कुशवाह ने कहा कि भाजपा और नरेंद्र सिंह तोमर की सोच संविधान और सामाजिक न्याय के खिलाफ है। उन्होंने कहा कि समाज किसी राजनीतिक दल के खूंटे से बंधकर नहीं रह सकता और समय आने पर इसका जवाब देगा।
कुशवाह समाज महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष रंजेश कुशवाहा ने भी बयान की निंदा करते हुए कहा कि यह पूरे समाज के आत्मसम्मान पर हमला है। उन्होंने कहा कि मुरैना-श्योपुर से नरेंद्र सिंह तोमर की जीत में कुशवाह समाज की बड़ी भूमिका रही है, इसलिए ऐसे शब्द समाज का अपमान हैं। जौरा के पूर्व विधायक सोनेराम कुशवाह ने भी सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर कहा कि कुशवाह समाज स्वाभिमानी समाज है और किसी का राजनीतिक बंधुआ नहीं बन सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि समाज को राजनीतिक रूप से नियंत्रित करने की कोशिश की जा रही है।
भाजपा जिलाध्यक्ष कमलेश कुशवाह ने विवाद पर सफाई देते हुए कहा कि विधानसभा अध्यक्ष के बयान को गलत संदर्भ में पेश किया गया है। उनका कहना है कि नरेंद्र सिंह तोमर ने केवल भाजपा के प्रति समर्पित कार्यकर्ताओं को प्रेरित करने के उद्देश्य से पूर्व नेता कालीचरण कुशवाह का उदाहरण दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस इस बयान को तोड़-मरोड़कर राजनीतिक विवाद खड़ा करने की कोशिश कर रही है।
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विवाद बढ़ने के बाद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने भी नरेंद्र सिंह तोमर के बयान पर आपत्ति जताई। उन्होंने इसे पिछड़ा वर्ग विरोधी मानसिकता का परिचायक बताते हुए कहा कि भाजपा समाजों का सम्मान करने के बजाय उन्हें राजनीतिक चश्मे से देखती है। कांग्रेस ने विधानसभा अध्यक्ष से अपने बयान पर सार्वजनिक स्पष्टीकरण देने की मांग की है।