कोतवाल डैम के 2 गेट खुले (फोटो सोर्स- नवभारत)
मुरैना

कोतवाल डैम के 2 गेट खुले: आसन नदी में छोड़ा 2000 क्यूसेक पानी, मुरैना-भिंड के नदी किनारे बसे गांवों में अलर्ट

Asan River Water Release : मुरैना का कोतवाल डैम पूरी क्षमता तक भरने के बाद दो गेट खोलकर आसन नदी में 2 हजार क्यूसेक पानी छोड़ा गया। मुरैना-भिंड के नदी किनारे बसे गांवों को अलर्ट किया गया।

योगेश पाराशर, प्रीतेश जैन

Morena Kotwal Dam Gates Open : मुरैना जिले में मानसून एक बार फिर मेहरबान नजर आ रहा है। बुधवार सुबह झमाझम बारिश के बाद दिनभर रिमझिम बारिश का दौर जारी रहा। लगातार बारिश के चलते मुरैना का कोतवाल डैम अपनी पूरी क्षमता तक भर गया। जलस्तर बढ़ने के बाद जल संसाधन विभाग ने डैम के दो गेट खोलकर करीब 2 हजार क्यूसेक पानी आसन नदी में छोड़ा। पानी छोड़े जाने के बाद मुरैना और भिंड जिले में नदी किनारे बसे गांवों को सतर्क रहने के लिए अलर्ट किया गया।

जानकारी के अनुसार कोतवाल डैम में लगातार बारिश और कैचमेंट एरिया से पानी की आवक बढ़ने के कारण जलस्तर तेजी से बढ़ा। बांध अपनी पूर्ण क्षमता तक पहुंचने के बाद जल संसाधन विभाग ने बुधवार सुबह करीब 10 बजे सात गेटों में से दो गेट खोल दिए। इन दोनों गेटों के माध्यम से करीब 2 हजार क्यूसेक पानी की निकासी की गई, जो आसन नदी में प्रवाहित हुआ।

आसन नदी के किनारे बसे गांवों को किया गया अलर्ट

कोतवाल डैम से पानी छोड़े जाने के बाद प्रशासन और जल संसाधन विभाग ने आसन नदी के किनारे बसे मुरैना और भिंड जिले के गांवों को सतर्क रहने के निर्देश दिए। ग्रामीणों को नदी के किनारे नहीं जाने और जलस्तर बढ़ने की स्थिति में विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई। संबंधित क्षेत्रों में लोगों तक सूचना पहुंचाने और स्थिति पर नजर रखने के निर्देश भी दिए गए।

जलस्तर नियंत्रित करने के लिए निकाला अतिरिक्त पानी

जल संसाधन विभाग के मुताबिक कोतवाल बांध की ऊंचाई करीब 552 फीट है। लगातार बारिश के कारण जल संग्रहण क्षेत्र से पानी की आवक बढ़ने के बाद बांध का जलस्तर क्षमता के बराबर पहुंच गया था। ऐसे में जलस्तर को नियंत्रित रखने और बांध पर दबाव कम करने के उद्देश्य से अतिरिक्त पानी की निकासी की गई। विभाग लगातार बारिश और डैम में पानी की आवक की स्थिति की निगरानी कर रहा है।

पिलुआ बांध में भी बढ़ रही पानी की आवक

लगातार हो रही बारिश का असर अन्य जलाशयों पर भी दिखाई दे रहा है। पिलुआ बांध में भी पानी की आवक लगातार बढ़ रही है। जल संसाधन विभाग के अनुसार जरूरत पड़ने पर पिलुआ बांध से अतिरिक्त पानी सांक नदी में छोड़ा जा सकता है। दोनों बांधों में पानी की आवक और जलस्तर को देखते हुए आगे की कार्रवाई की जाएगी।

शाम 5 बजे बंद किए गए कोतवाल डैम के गेट

फिलहाल कोतवाल डैम से पानी की निकासी करने के लिए खोले गए दोनों गेट बुधवार शाम करीब 5 बजे बंद कर दिए गए। हालांकि मौसम की स्थिति और बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए जल संसाधन विभाग लगातार बांध के जलस्तर पर नजर बनाए हुए है। यदि आने वाले समय में पानी की आवक फिर बढ़ती है, तो जरूरत के अनुसार दोबारा अतिरिक्त पानी छोड़ा जा सकता है।

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