मउगंज उपयंत्री राजेश प्रताप (सोर्स- सोशल मीडिया) 
मऊगंज

MP News: मऊगंज में निलंबन समाप्ति के बाद हुई नवीन पदस्थापना, उपयंत्री ने दी परिवार सहित भीख मांगने की चेतावनी

Mauganj Sub Engineer Statement: मऊगंज के उपयंत्री राजेश प्रताप सिंह की बड़ी चेतावनी, 10 महीने से भत्ता न मिलने के विरोध में 12 जून से रीवा संयुक्त संचालक दफ्तर के बाहर मांगेंगे भीख।

सजल रघुवंशी

Mauganj Sub Engineer Rajesh Pratap Singh Row: मऊगंज जिले में नगरीय प्रशासन विभाग के उपयंत्री राजेश प्रताप सिंह का मामला एक बार फिर चर्चा में है। लंबे समय से चल रहे निलंबन और विभागीय कार्रवाई के बीच अब राजेश प्रताप सिंह ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए न्याय नहीं मिलने की बात कही है। वहीं प्रशासन का दावा है कि नियमानुसार कार्रवाई की गई है और मामला शासन स्तर पर विचाराधीन है।

दरअसल राजेश प्रताप सिंह को उपयंत्री मऊगंज रहते हुए पूर्व में निलंबित किया गया था। हालांकि नियमानुसार 90 दिनों के भीतर आरोप पत्र प्रस्तुत नहीं होने के कारण उनका निलंबन स्वतः समाप्त हो गया। इसके बाद नगरीय प्रशासन विभाग द्वारा उनकी नवीन पदस्थापना नगर परिषद हनुमना में की गई, लेकिन उन्होंने वहां कार्यभार ग्रहण नहीं किया और शासन को पत्र लिखकर अपनी आपत्तियां दर्ज कराईं।

राजेश को किया जा रहा प्रताड़ित

राजेश प्रताप सिंह का आरोप है कि उन्होंने नगर परिषद हनुमना में पदस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कई शिकायतें की थीं लेकिन उन शिकायतों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि उन्हें बिना किसी स्पष्ट कारण के लगातार प्रताड़ित किया गया और उनके मामलों को दबाने का प्रयास किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि निलंबन अवधि के दौरान उन्हें अब तक आरोप पत्र उपलब्ध नहीं कराया गया और करीब 10 माह से जीवन निर्वाह भत्ता भी नहीं दिया गया, जिससे उनके परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

परिवार समेत भीख मांगने की कही बात

राजेश प्रताप सिंह ने शासन को भेजे पत्र में कहा है कि यदि उनकी शिकायतों की निष्पक्ष जांच नहीं हुई और बकाया भुगतान नहीं किया गया तो वे 12 जून से रीवा स्थित संयुक्त संचालक नगरीय प्रशासन कार्यालय के सामने परिवार के भरण-पोषण के लिए भीख मांगने को मजबूर होंगे। उन्होंने इस स्थिति के लिए विभागीय अधिकारियों को जिम्मेदार ठहराया है।

दो दिन पहले ही प्राप्त हुआ पत्र- संभागीय अधिकारी

वहीं इस पूरे मामले पर संभागीय अधिकारी नगरीय प्रशासन हिमांशु भट्ट का कहना है कि राजेश प्रताप सिंह का पत्र दो दिन पहले प्राप्त हुआ है। पत्र को शासन के पास भेज दिया गया है और मामले में आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि 90 दिनों तक चार्ज शीट प्रस्तुत नहीं होने के कारण निलंबन स्वतः समाप्त हो गया था, जिसके बाद उनकी पदस्थापना हनुमना में की गई थी। लेकिन उन्होंने वहां ज्वाइन नहीं किया और अपनी आपत्तियों के साथ पत्र भेजा है। फिलहाल शासन स्तर पर मामले को लेकर चर्चा चल रही है और जो भी निर्णय होगा, नियमानुसार लिया जाएगा।

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