हेमंत सत्यदेव कटारे (Image- Social Media) 
मध्य प्रदेश

मध्य प्रदेश कांग्रेस में बड़ी कलह, विधानसभा में उपनेता विपक्ष का इस्तीफा, BJP ज्वाइन करने को लेकर क्या कहा?

Hemant Katare Resigned: मध्य प्रदेश विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष हेमंत कटारे ने पारिवारिक दायित्वों और समय की कमी का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

अर्पित शुक्ला

MP Politics: मध्यप्रदेश कांग्रेस में एक बड़ी कलह सामने आ गई है। अभी तक कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के खिलाफ नेताओं की नाराजगी की खबरें आ रही थीं। लेकिन इन सबके बीच में बड़ी खबर विधानसभा के भीतर से आई है। विधानसभा में कांग्रेस के उपनेता विपक्ष हेमंत कटारे ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा सीधे पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेज दिया। हालांकि इसके बाद पार्टी के भीतर डैमेज कंट्रोल की कोशिश की गई, लेकिन अभी तक कांग्रेस के लिए कोई राहत की खबर नहीं आई है।

क्या भाजपा में जा रहे हैं हेमंत?

हेमंत कटारे मध्यप्रदेश के भिंड जिले की अटेर विधानसभा सीट से विधायक हैं और प्रदेश के पूर्व मंत्री और नेता प्रतिपक्ष रहे सत्यदेव कटारे के बेटे हैं। शुक्रवार शाम को अचानक से उन्होंने अपनी विधानसभा में समय नहीं दे पाने की दलील देते हुए उप नेता विपक्ष से इस्तीफा दे दिया। इस्तीफे के बाद चर्चा होने लगी कि हेमंत भाजपा को ज्वाइन करने वाले हैं। हालांकि शनिवार सुबह तक उनके भाजपा में आने को लेकर कोई बात स्पष्ट नहीं हुई। दूसरी ओर, कांग्रेस ने आधिकारिक बयान देते हुए कहा कि हेमंत कटारे ने सिर्फ उप नेता के पद से इस्तीफा दिया है, वह विधायक बने रहेंगे।

क्या है नाराजगी की वजह?

भले ही इस्तीफे में निजी कारणों का हवाला दिया गया, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग है। दरअसल, कांग्रेस को स्थगन प्रस्ताव पर चर्चा के लिए विपक्षी विधायकों के नाम सौंपने थे। शुक्रवार को 16 हेमंत कटारे ने 16 विधायकों के नाम की सूची विधानसभा अध्यक्ष को सौंप दी। उसी दौरान नेता विपक्ष उमंग सिंघार विधानसभा पहुंच गए और उन्होंने उप नेता की सूची पर आपत्ति जाहिर की और उसे काट दिया और नई सूची देने की बात कही। बताया जा रहा है, हेमंत कटारे को यह पसंद नहीं आया। उन्होंने इसे अपने सम्मान से जोड़ते हुए इस्तीफे की पेशकश कर दी और सीधे पार्टी अध्यक्ष को इस्तीफा भेज दिया।

सुलह की नाकाम कोशिशें

इस्तीफे के बाद कांग्रेस के भीतर डैमेज कंट्रोल की कोशिशें शुरू हुईं। देर रात उमंग सिंघार और हेमंत कटारे को साथ बिठाकर मामला सुलझाने की कोशिश भी की गईं, लेकिन सूत्रों का दावा है कि को​शिशें नाकाम रहीं। हेमंत कटारे और उमंग सिंघार अपनी-अपनी बातों पर अड़े रहे। अब नजर दिल्ली पर है कि क्या वह इस्तीफा मंजूर करता है या फिर दोनों के बीच सुलह की को​ई आखिरी कोशिश भी होगी।

भाजपा में जाने पर चुप्पी तोड़ी

शनिवार को हेमंत कटारे ने आखिरकार अपनी चुप्पी तोड़ दी। इस्तीफा देने के बाद से उन्होंने सभी फोन उठाना बंद कर दिए थे। लेकिन दोपहर में उन्होंने ट्ववीट कर कहा, कांग्रेस मेरे स्वर्गीय पिताजी की विरासत है! और हाँ… मेरे फोन न उठाने पर कृपया भारी-भरकम क़यास ना लगायें। शादी की सालगिरह पर परिवार के साथ समय बिताना कोई राजनीतिक साज़िश नहीं बल्कि मेरा मूलभूत और संवैधानिक अधिकार भी है। कभी कभी नेता भी इंसान होता है।

उन्होंने आगे कहा अब ज़रा ध्यान से सुन लो भाजपाइयों, ज़्यादा खुशफहमी पालने की ज़रूरत नहीं है। सोमवार से सदन में पूरी तैयारी, पूरे दस्तावेज़ और पूरी ताकत के साथ उपस्थित रहूँगा और हमेशा की तरह आपको धोने का कार्य करूंगा। चाहे मुद्दा गोमांस का हो, इंदौर के भागीरथपुरा का हो, शंकराचार्य जी के अपमान का हो, या ज़हरीली हवा-दवा-पानी और सरकार के भ्रष्टाचार का, हर विषय पर तर्क, प्रमाण और जनता की आवाज़ के साथ आपके भ्रष्टाचार की परतें खोलूँगा। तैयारी मजबूत रखिएगा। क्योंकि मैं पद से नहीं, जनता के विश्वास से ताकत लेता हूँ। और वही विश्वास मेरी सबसे बड़ी शक्ति है।

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