खंडवा में किसानों का प्रदर्शन, मीटिंग लेते प्रभारी मंत्री फोटो सोर्स- नवभारत
खण्डवा

खंडवा के 55 गांवों में रोजाना 8 घंटे कट रही बिजली, रातभर कटौती से परेशान किसान, उग्र आंदोलन की चेतावनी

Khandwa Farmers Protest: खंडवा के 55 गांवों में 8 दिनों से रोजाना 8 घंटे बिजली कटौती से किसान परेशान हैं। ग्रामीणों ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी है। प्रभारी मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने आश्वासन दिया।

नितिन झवर, प्रीतेश जैन

Highlights:

  • खंडवा के करीब 55 गांवों में आठ दिनों से रोजाना छह से आठ घंटे बिजली कटौती की शिकायत।

  • परेशान ग्रामीणों ने ग्रिड और वितरण केंद्रों पर प्रदर्शन कर उग्र आंदोलन की चेतावनी दी।

  • प्रभारी मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने दो से चार दिनों में बिजली आपूर्ति सामान्य होने का आश्वासन दिया।

Khandwa Power Cut News : नवरात्रि से पहले खंडवा जिले में बिजली कटौती ने किसानों और ग्रामीणों की परेशानी बढ़ा दी है। जिले के करीब 55 गांवों में पिछले आठ दिनों से रोजाना छह से आठ घंटे तक बिजली गुल रहने की शिकायतें सामने आ रही हैं। दिन के साथ रात में भी बार-बार बिजली ट्रिप होने से ग्रामीणों का गुस्सा बढ़ रहा है। कहीं चक्काजाम किया जा रहा है, तो कहीं ग्रामीण विद्युत ग्रिड और वितरण केंद्रों पर पहुंचकर विरोध जता रहे हैं।

किसानों ने चेतावनी दी है कि जल्द व्यवस्था नहीं सुधरी तो उग्र आंदोलन किया जाएगा। इस बीच जिले के प्रभारी मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने दो से चार दिनों में बिजली आपूर्ति सामान्य होने का आश्वासन दिया है।

55 गांवों में आठ दिनों से छह से आठ घंटे कटौती

खंडवा जिले के करीब 55 गांवों में पिछले आठ दिनों से बिजली संकट बना हुआ है। ग्रामीणों के मुताबिक, प्रतिदिन छह से आठ घंटे तक बिजली गुल रहती है। दिन में कई बार बिजली बंद हो जाती है, जबकि रात में भी हर आधे से एक घंटे के अंतराल पर ट्रिपिंग की समस्या सामने आ रही है। इससे किसानों के कृषि कार्य प्रभावित हो रहे हैं। वहीं, घरेलू कामकाज और ग्रामीणों की दिनचर्या भी अस्त-व्यस्त हो गई है। बिजली कटौती का कोई निश्चित समय नहीं होने से लोगों को पहले से तैयारी करने का मौका भी नहीं मिल रहा है।

ग्रिड और वितरण केंद्रों पर पहुंचकर जताया विरोध

लगातार बिजली कटौती से परेशान ग्रामीण अब विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। जिले के अलग-अलग क्षेत्रों में लोग विद्युत ग्रिड और वितरण केंद्रों पर पहुंचकर बिजली आपूर्ति सुधारने की मांग उठा रहे हैं। कुछ स्थानों पर चक्काजाम की स्थिति भी बनी है। ग्रामीणों का कहना है कि बार-बार शिकायत करने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो रहा है। किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द नियमित बिजली नहीं मिली तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।

नवरात्रि से पहले बिजली व्यवस्था बिगड़ने से बढ़ी चिंता

नवरात्रि पर्व नजदीक होने के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में धार्मिक आयोजनों की तैयारियां चल रही हैं। माता के पंडाल सजाए जा रहे हैं और विद्युत सजावट की व्यवस्था की जा रही है। ऐसे में बिजली कटौती से आयोजनों की तैयारियां प्रभावित होने की आशंका है। ग्रामीणों के मुताबिक, रात में बिजली गुल रहने से बच्चों की पढ़ाई और घरेलू कामकाज पर भी असर पड़ रहा है। लोगों ने त्योहार से पहले बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है, ताकि उन्हें रात अंधेरे में न बितानी पड़े।

पंधाना में भी लोड मैनेजमेंट के नाम पर कटौती

खंडवा के पंधाना क्षेत्र में भी रात के समय बिजली कटौती की शिकायतें सामने आ रही हैं। बताया जा रहा है कि लोड मैनेजमेंट के नाम पर बिजली आपूर्ति बाधित की जा रही है। विद्युत विभाग के अनुसार, बिजली उत्पादन में अस्थायी कमी के कारण यह व्यवस्था लागू की गई है। उत्पादन सामान्य होने पर आपूर्ति में सुधार की उम्मीद है। हालांकि, ग्रामीणों का सवाल है कि बिजली उत्पादन की बड़ी परियोजनाएं होने के बावजूद उन्हें नियमित बिजली क्यों नहीं मिल रही है। किसानों का कहना है कि समस्या का समाधान आश्वासन तक सीमित नहीं रहना चाहिए।

प्रभारी मंत्री का आश्वासन, दो से चार दिन में सुधरेगी व्यवस्था

बिजली संकट को लेकर खंडवा जिले के प्रभारी मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी ने अधिकारियों से चर्चा की है। मंत्री ने आश्वासन दिया है कि आगामी दो से चार दिनों में बिजली आपूर्ति व्यवस्थित होने लगेगी। अब ग्रामीणों की निगाहें इस समयसीमा पर टिकी हैं। वहीं, खंडवा विधायक कंचन तंवे और ग्रामीण कांग्रेस अध्यक्ष उत्तम पाल सिंह के बयान भी इस मुद्दे पर सामने आने हैं। फिलहाल किसानों की मांग है कि बिजली कटौती का स्थायी समाधान किया जाए और उन्हें नियमित आपूर्ति सुनिश्चित की जाए।

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