

Raisen Collector Rohit Sisodia Controversy : मध्य प्रदेश में रायसेन के नए कलेक्टर की नियुक्ति को लेकर सियासत गरमा गई है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी और पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी से हुई मौतों का हवाला देते हुए मोहन सरकार पर सवाल उठाए हैं।
कांग्रेस नेताओं ने रोहित सिसोनिया को रायसेन कलेक्टर बनाए जाने पर आपत्ति जताते हुए पूछा है कि भागीरथपुरा मामले में जिम्मेदारी तय करने और जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई का क्या हुआ। दोनों नेताओं ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर सरकार से जवाब मांगा है।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने X पर पोस्ट कर कहा कि इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी की त्रासदी में 36 लोगों की मौत हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि इस घटना के बाद हटाए गए प्रशासनिक अधिकारी रोहित सिसोनिया को अब रायसेन का कलेक्टर बना दिया गया है। पटवारी ने कहा कि भागीरथपुरा के पीड़ित परिवार आज भी न्याय और दोषियों पर कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से पूछा कि जांच आयोग की रिपोर्ट पर क्या कार्रवाई हुई और रोहित सिसोनिया को कलेक्टर बनाने से पहले किन तथ्यों पर विचार किया गया।
जीतू पटवारी ने प्रदेश में अधिकारियों के तबादलों की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्तियों में जवाबदेही के बजाय जुगाड़ को प्राथमिकता दी जा रही है। पटवारी ने तबादलों को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर निशाना साधते हुए इसे ‘ट्रांसफर उद्योग’ से ‘ट्रांसफर फैक्ट्री’ बनने जैसा बताया। उन्होंने मुख्यमंत्री से भागीरथपुरा के पीड़ितों को न्याय दिलाने, जांच रिपोर्ट सार्वजनिक करने और जिम्मेदार लोगों की जवाबदेही तय करने की मांग की।
पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह ने भी रोहित सिसोनिया की नियुक्ति को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने X पर पोस्ट में छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड का जिक्र करते हुए कहा कि इस मामले में 26 बच्चों की मौत हुई थी। उनके मुताबिक, जांच में दोनों ड्रग इंस्पेक्टरों के जवाब संतोषजनक नहीं पाए गए, इसके बावजूद उन्हें बहाल कर दिया गया। जयवर्धन सिंह ने भागीरथपुरा में दूषित पानी से 36 लोगों की मौत का उल्लेख करते हुए रोहित सिसोनिया को रायसेन कलेक्टर बनाए जाने पर सवाल उठाया।
जयवर्धन सिंह ने मुख्यमंत्री से पूछा कि क्या दोषियों को बहाल करना और अधिकारियों को महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त करना ही सरकार की जवाबदेही सुनिश्चित करने का तरीका है। उन्होंने भागीरथपुरा में जान गंवाने वाले लोगों का उल्लेख करते हुए सरकार की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए। कांग्रेस नेताओं के इन बयानों के बाद रायसेन कलेक्टर की नियुक्ति को लेकर राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। अब इस मामले में सरकार की प्रतिक्रिया और भागीरथपुरा की जांच रिपोर्ट पर कार्रवाई को लेकर स्थिति स्पष्ट होने का इंतजार है।