Kailash Vijayvargiya Media Controversy: इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में दूषित पानी से अब तक 7 से 10 लोगों की मौत हो चुकी है और 100 से अधिक लोग अस्पताल में भर्ती हैं। इस त्रासदी पर जब क्षेत्रीय विधायक और मंत्री कैलाश विजयवर्गीय से तीखे सवाल किए गए, तो उन्होंने पत्रकारों के लिए अमर्यादित शब्दों का प्रयोग किया।
भागीरथपुरा क्षेत्र, जो मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के विधानसभा क्षेत्र ‘इंदौर-1’ के अंतर्गत आता है, इस समय भीषण जल संकट और डायरिया के प्रकोप से जूझ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, यहां अब तक 7 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 100 से अधिक मरीज अस्पताल में भर्ती हैं। बुधवार रात जब मीडिया ने मंत्री से प्रभावित नागरिकों की समस्याओं और निजी अस्पतालों के बिलों के भुगतान को लेकर सवाल किया, तो विजयवर्गीय अचानक आपा खो बैठे।
उन्होंने पत्रकारों से कहा, "छोड़ो यार, तुम फोकट (फालतू) प्रश्न मत पूछो।" इस दौरान उनकी एक संवाददाता के साथ तीखी बहस भी हुई, जिसमें उन्होंने शब्दों की मर्यादा लांघते हुए आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया।
इस घटना का वीडियो वायरल होते ही सियासत गरमा गई है। मध्य प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने इस वीडियो को साझा करते हुए भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला। पटवारी ने दावा किया कि इंदौर में जहरीला पानी पीने से मौतों की संख्या 8 से बढ़कर 10 हो गई है, लेकिन सरकार और उसके मंत्री अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करने के बजाय अहंकार में डूबे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव से मांग की कि विजयवर्गीय से नैतिकता के आधार पर तत्काल इस्तीफा लिया जाए।
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विवाद बढ़ता देख कैलाश विजयवर्गीय ने सोशल मीडिया पर स्पष्टीकरण जारी कर माफी मांग ली है। उन्होंने अपने बयान में कहा कि वे और उनकी टीम पिछले दो दिनों से बिना सोए स्थिति सुधारने में जुटे हुए हैं। विजयवर्गीय ने भावुक होते हुए कहा, "मेरे लोग पीड़ित हैं और कुछ हमें छोड़कर चले गए। इस गहरे दुख की अवस्था में मीडिया के एक प्रश्न पर मेरे शब्द गलत निकल गए, जिसके लिए मैं खेद प्रकट करता हूँ।" उन्होंने आश्वासन दिया कि जब तक स्थिति सामान्य नहीं होती, वे शांत नहीं बैठेंगे।