मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी के विखंडन पर HC का नोटिस फोटो सोर्स- सोशल मीडिया
जबलपुर

जबलपुर मेडिकल यूनिवर्सिटी के विखंडन पर हाईकोर्ट का नोटिस, राज्य सरकार और विधि विभाग से मांगा जवाब

MP High Court News : जबलपुर मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी के क्षेत्राधिकार और संसाधनों के पुनर्वितरण को लेकर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार, विधि विभाग और यूनिवर्सिटी से जवाब मांगा है।

पवन पटेल, प्रीतेश जैन

MP Medical Science University : मध्य प्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी, जबलपुर के क्षेत्राधिकार और संसाधनों के पुनर्वितरण को लेकर दायर याचिका पर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार से जवाब मांगा है। याचिका नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच की ओर से दायर की गई है। इसमें उज्जैन में नई मेडिकल यूनिवर्सिटी स्थापित किए जाने के बाद जबलपुर यूनिवर्सिटी के कॉलेजों, विद्यार्थियों और संसाधनों को दूसरी यूनिवर्सिटी के अधीन किए जाने पर आपत्ति जताई गई है।

याचिकाकर्ता की ओर से कोर्ट में कहा गया कि जबलपुर मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी से जुड़े करीब 80 कॉलेजों में से 64 कॉलेजों को नई यूनिवर्सिटी के अधीन किया गया है। याचिका के मुताबिक इन कॉलेजों में पढ़ने वाले करीब 16 हजार विद्यार्थियों में से लगभग 14 हजार विद्यार्थियों को भी नई यूनिवर्सिटी में स्थानांतरित किया गया है।

ग्वालियर-चंबल संभाग को भी नई यूनिवर्सिटी में शामिल करने का दावा

याचिका में यह भी कहा गया है कि नई व्यवस्था के तहत ग्वालियर-चंबल संभाग को भी उज्जैन की नई मेडिकल यूनिवर्सिटी के दायरे में शामिल किया गया है। याचिकाकर्ता का तर्क है कि इस तरह क्षेत्राधिकार में किए गए बदलाव से जबलपुर मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी के कामकाज और भविष्य की व्यवस्थाओं पर असर पड़ सकता है।

250 करोड़ के रिजर्व फंड का मुद्दा भी उठाया

याचिकाकर्ता ने यूनिवर्सिटी के रिजर्व फंड को लेकर भी सवाल उठाए हैं। याचिका में दावा किया गया है कि करीब 250 करोड़ रुपए की राशि को भी नई यूनिवर्सिटी में स्थानांतरित किया गया है। मंच ने इस प्रक्रिया को नियमों के विपरीत बताते हुए कहा है कि इससे जबलपुर मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी की वित्तीय स्थिति प्रभावित हो सकती है।

सरकार और मेडिकल यूनिवर्सिटी को नोटिस

मामले में जबलपुर हाईकोर्ट ने राज्य सरकार, विधि विभाग और मध्य प्रदेश मेडिकल साइंस यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी किया है। अदालत ने संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है। अब सरकार और अन्य अनावेदकों के जवाब के बाद ही इस मामले में उठाए गए आरोपों और पुनर्वितरण की प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट होगी।

याचिका में पक्षपात का भी आरोप

नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच ने याचिका में जबलपुर की उपेक्षा और पक्षपात का आरोप लगाते हुए क्षेत्राधिकार में किए गए बदलाव पर सवाल उठाए हैं। याचिका में कॉलेजों, विद्यार्थियों और फंड के स्थानांतरण की प्रक्रिया को चुनौती दी गई है। कोर्ट के सामने अब संबंधित पक्षों का जवाब आने के बाद मामले की आगे की सुनवाई होगी।

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