गरबा पंडाल में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर ऊषा ठाकुर का बयान फोटो सोर्स- नवभारत
इंदौर

BJP विधायक ऊषा ठाकुर बोलीं- पूरे साल में गरबे के दौरान विधर्मियों के साथ चली जाती थीं 4.5 लाख लड़कियां

Garba Pandal Non Hindu Entry : ऊषा ठाकुर ने गरबा पंडालों में गैर-हिंदुओं की एंट्री और जनसांख्यिकी परिवर्तन को लेकर बयान दिया। उन्होंने 4.5 लाख लड़कियों को लेकर दावा किया, जिसका स्रोत नहीं बताया।

अंशुल मुकाती, प्रीतेश जैन

Usha Thakur Garba Statement : बीजेपी नेता और पूर्व मंत्री ऊषा ठाकुर ने गरबा आयोजनों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश को लेकर बयान दिया है। उन्होंने दावा किया कि गरबे के दौरान बड़ी संख्या में लड़कियां विधर्मियों के साथ चली जाती हैं और इसका असर जनसांख्यिकी परिवर्तन पर पड़ता है। हालांकि, अपने इस दावे के समर्थन में उन्होंने कोई आंकड़ा या स्रोत प्रस्तुत नहीं किया।

ऊषा ठाकुर ने कहा कि विभिन्न संगठनों ने यह प्रण लिया है कि जो लोग मूर्ति पूजा नहीं करते, उन्हें गरबा पंडालों में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग तिलक और कलावा लगाकर गरबा पंडालों में प्रवेश करते हैं और बेटियों को भ्रमित करने का प्रयास करते हैं।

4.5 लाख लड़कियों का दावा

ऊषा ठाकुर ने दावा किया कि पूरे वर्ष में गरबे के दौरान 4.5 लाख लड़कियां विधर्मियों के साथ चली जाती थीं। उन्होंने कहा कि ये वयस्क बेटियां अगले वर्ष एक बच्चे को जन्म देती हैं और उनके अनुसार इससे हर साल 9 लाख की दर से जनसंख्या परिवर्तन पर असर पड़ रहा है। इस दावे के समर्थन में उन्होंने कोई स्रोत या आंकड़ा नहीं बताया।

गरबा को साधना का पर्व बताया

गरबा के स्वरूप को लेकर भी ऊषा ठाकुर ने अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि गरबा शक्ति की साधना का पर्व है, लेकिन व्यावसायिक आयोजनों के कारण इसका स्वरूप बदल गया है। उनके मुताबिक कई जगह गरबा अब ड्रेसेस, गहनों और टैटू के प्रदर्शन का माध्यम बनता जा रहा है। उन्होंने कहा कि नवरात्रि का उद्देश्य मातृशक्ति के व्यक्तित्व विकास और धर्म-संस्कृति के प्रति जागरूकता से जुड़ा होना चाहिए।

राहुल गांधी के कार्यक्रम पर भी टिप्पणी

ऊषा ठाकुर ने राहुल गांधी के कार्यक्रम में हुए गीत-संगीत को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के बीच होने वाले कार्यक्रमों में नैतिकता, राष्ट्रवाद और कर्तव्यनिष्ठा से जुड़े विषयों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने कार्यक्रम में हुए डांस को वल्गर बताया और इसे कांग्रेस की शैली से जोड़कर टिप्पणी की।

पीएम मोदी की मिमिक्री पर जताई आपत्ति

कार्यक्रम में कॉमेडियन द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मिमिक्री किए जाने के सवाल पर ऊषा ठाकुर ने कहा कि जब मुद्दों में दम नहीं होता तो मिमिक्री करने वालों को बुलाना पड़ता है। उन्होंने प्रधानमंत्री के भाषण की मिमिक्री में ‘मां’ शब्द के इस्तेमाल पर भी आपत्ति जताई। उनका कहना था कि मां पावन शब्द है और ऐसे शब्द को मंच से मजाक का विषय बनाया जाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जिम्मेदार नेताओं का इसमें शामिल होना दुखद है और यह उनके संस्कारों को भी परिलक्षित करता है।

TRAI का बड़ा फैसला! अब सिर्फ कॉल और SMS वाले सस्ते पैक भी होंगे उपलब्ध; ग्राहकों को मिलेगा ज्यादा विकल्प

चार राज्यों में विधान परिषद का चुनाव, निर्वाचन आयोग ने तारीख का किया ऐलान; 23 अक्टूबर को मतदान

अवैध गिरफ्तारी पर एक बार फिर सुप्रीम कोर्ट सख्त, लिखित आधार न बताने वाले अधिकारी के खिलाफ हो विभागीय जांच

मौलिक अधिकारों का उल्लंघन करती है SC-ST एक्ट की धारा 18-A, सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल, CJI करेंगे सुनवाई

वीजा-फ्री एंट्री की सुविधा पर मलेशिया जा रहे यात्री रहे अलर्ट, भारतीय हाई कमीशन ने क्यों चेताया ?