राजा रघुवंशी और सोनम (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया) 
इंदौर

राजा रघुवंशी मर्डर केस में शिलांग हाईकोर्ट 3 जून को दोबारा करेगा सुनवाई, सोनम के वकील रखेंगे अपना पक्ष

Raja Raghuvanshi Murder Case: इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड में आरोपी पत्नी सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द करने की शिलांग हाईकोर्ट में 3 जून को फिर होगी सुनवाई।

सजल रघुवंशी

Shillong High Court Hearing 3 June Sonam Raghuwanshi Case: मेघालय के शिलांग में हनीमून के दौरान हुई राजा रघुवंशी हत्याकांड में नया मोड़ सामने आया है। मामले में आरोप है कि सोनम रघुवंशी ने ही कथित रूप से अपने पति की हत्या की साजिश रची थी। इस प्रकरण में तीन किलर, कथित प्रेमी और मुख्य साजिशकर्ता बताए जा रहे राज कुशवाह समेत अन्य आरोपी फिलहाल जेल में बंद हैं। वहीं, सोनम रघुवंशी को अप्रैल में जिला अदालत से जमानत मिल गई थी। अब मेघालय पुलिस इस जमानत को निरस्त कराने के लिए शिलांग हाईकोर्ट पहुंची है।

सोनम रघुवंशी की जमानत निरस्त कराने के लिए दायर याचिका पर मेघालय हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से शासकीय अधिवक्ताओं ने अपना पक्ष रखा। सरकार की ओर से एजी ए. कुमार, अधिवक्ता एम. खेरा, आर. खारक्रांग और ए. मलिक ने दलीलें पेश करते हुए सोनम की जमानत रद्द करने की मांग की। वहीं, सोनम रघुवंशी की ओर से अधिवक्ता एस. छापा और एस. चंदा ने पैरवी की।

राज्य सरकार ने सुनवाई के दौरान रखी दलील

सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने तर्क दिया कि सोनम को अपने खिलाफ लगाए गए हत्या के आरोपों और गिरफ्तारी के आधार की पूरी जानकारी थी। केवल दस्तावेज में हुई एक लिपिकीय त्रुटि के आधार पर उसे जमानत का लाभ नहीं दिया जा सकता। सरकार ने अदालत को बताया कि आरोपों और गिरफ्तारी के कारणों से उसे विधिवत अवगत कराया गया था। हालांकि, दस्तावेजों में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 103(1) के स्थान पर गलती से धारा 403(1) अंकित हो गई थी, जबकि बीएनएस में धारा 403 का कोई प्रावधान ही नहीं है।

इस मामले में अब 3 जून को है अगली सुनवाई

इस मामले में अब अगली सुनवाई 3 जून को होगी, जिसमें बचाव पक्ष की ओर से सोनम रघुवंशी के वकील अपना पक्ष अदालत के सामने रखेंगे। दोनों पक्षों की दलीलें पूरी होने के बाद हाई कोर्ट जमानत को बरकरार रखने या निरस्त करने पर फैसला सुनाएगा। जिला अदालत से जमानत मिलने के बाद से सोनम शिलांग में ही रह रही है। जमानत की शर्तों के तहत उसे शिलांग छोड़ने की अनुमति नहीं है और मामले की सुनवाई पूरी होने तक उसे वहीं रहना होगा।

कोर्ट ने इस आधार पर दी थी जमानत

सोनम रघुवंशी को 29 अप्रैल को जिला अदालत ने उसकी चौथी जमानत याचिका पर राहत दी थी। बचाव पक्ष ने तर्क दिया था कि गिरफ्तारी के दौरान उसके मौलिक अधिकारों का उल्लंघन हुआ और उसे गिरफ्तारी के आधारों की सही जानकारी नहीं दी गई। साथ ही दस्तावेजों में बीएनएस की धारा 103(1) के स्थान पर 403(1) दर्ज होने का मुद्दा उठाया गया, जबकि ऐसी कोई धारा मौजूद नहीं है। हालांकि बाद में इसी आधार पर सह-आरोपी राज कुशवाह, आनंद कुर्मी, आकाश राजपूत और विशाल राजपूत की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी गईं और वे फिलहाल जेल में हैं।

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