Highlights :
मध्य प्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026 में पांच कंपनियों को 9,625 करोड़ रुपये के निवेश के लिए भूमि आवंटन पत्र सौंपे गए।
गंगा मालनपुर में 6,415 करोड़ रुपये की लागत से 50 मेगावॉट क्षमता का डेटा सेंटर प्रस्तावित है।
भोपाल के पास लिथियम बैटरी उद्योग में 2,000 करोड़ रुपये के निवेश की योजना।
5,800 करोड़ रुपये के अतिरिक्त निवेश प्रस्तावों से 10 हजार से ज्यादा रोजगार की संभावना।
इंदौर के आईटी पार्क-4 में सात कंपनियों को जगह आवंटित, 1,280 प्रत्यक्ष नौकरियों का अनुमान।
MP Investment Summit : इंदौर के ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में आयोजित मध्य प्रदेश सेमीकंडक्टर समिट-2026 में राज्य को हाईटेक उद्योगों का प्रमुख केंद्र बनाने की योजना सामने रखी गई। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पांच कंपनियों को करीब 9,625 करोड़ रुपये के निवेश के लिए भूमि आवंटन पत्र सौंपे।
इसके अलावा विभिन्न कंपनियों से 5,800 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिलने की जानकारी दी गई। इन प्रस्तावों से 10 हजार से अधिक रोजगार के अवसर बनने की संभावना जताई गई है।
मध्य प्रदेश सेमीकंडक्टर समिट में डेटा सेंटर, लिथियम बैटरी, इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग और ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर से जुड़ी परियोजनाओं के लिए भूमि आवंटन किया गया। सरकार के मुताबिक, साइंटेक आरआई ग्वालियर के गंगा मालनपुर में करीब 6,415 करोड़ रुपये का निवेश कर 50 मेगावॉट क्षमता का हाइपरस्केल डेटा सेंटर स्थापित करेगी। वहीं, ऊनो इकोसिस्टम भोपाल के पास लिथियम बैटरी उद्योग में करीब 2,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगी।
भूमि आवंटन पाने वाली अन्य कंपनियों में ओरिगा आईटी सॉल्यूशंस, मीना सर्किट और केन्स इलेक्ट्रॉनिक्स शामिल हैं। ओरिगा आईटी सॉल्यूशंस सिहांसा में 500 करोड़ रुपये, मीना सर्किट 400 करोड़ रुपये और केन्स इलेक्ट्रॉनिक्स बड़वई में 310 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इन परियोजनाओं के जरिए प्रदेश में तकनीक आधारित उद्योगों का विस्तार करने की योजना है।
इंदौर के आईटी पार्क-4 में सात कंपनियों को करीब 44,816 वर्गफीट जगह आवंटित किए जाने की जानकारी दी गई। इससे लगभग 1,280 प्रत्यक्ष रोजगार के अवसर मिलने का अनुमान है। इनमें एटीडी सेमीकंडक्टर्स को 16,508 वर्गफीट जगह मिली है। इस कंपनी के माध्यम से करीब 500 लोगों को रोजगार मिलने की संभावना जताई गई। कंपनियों को जल्द काम शुरू करने में मदद के लिए प्लग-एंड-प्ले व्यवस्था के तहत तैयार भवन और कार्यस्थल उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया गया।
मुख्यमंत्री मोहन यादव ने कहा कि सरकार का प्रयास है कि प्रदेश के युवाओं को हाईटेक नौकरियों के लिए बेंगलुरु और दूसरे बड़े शहरों की ओर न जाना पड़े। इसके लिए चिप डिजाइन, इलेक्ट्रॉनिक्स निर्माण, डेटा सेंटर, बैटरी तकनीक और रिसर्च जैसे क्षेत्रों में अवसर विकसित किए जा रहे हैं। हालांकि, निवेश प्रस्तावों और भूमि आवंटन के बाद परियोजनाओं का निर्माण शुरू होना और वास्तविक नियुक्तियां होना अहम रहेगा।