Highlights :
इंदौर के डेली कॉलेज परिसर में RSS की अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक।
डॉ मोहन भागवत और दत्तात्रेय होसबाले ने भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया शुभारंभ।
4 नवंबर की शाम तक चलेगी बैठक, देशभर से करीब 400 प्रतिनिधि शामिल।
RSS meeting at Daly College Indore : इंदौर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की वार्षिक अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल की बैठक सोमवार को इंदौर में शुरू हुई। डेली कॉलेज परिसर स्थित संत श्री रविदास महाराज सभागार में आयोजित बैठक का शुभारंभ संघ के सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने भारत माता के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया।
चार नवंबर की शाम तक चलने वाली इस बैठक में संघ के शताब्दी वर्ष के कार्यक्रमों की समीक्षा संगठन के विस्तार और आगामी कार्ययोजना पर चर्चा होगी।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय सह प्रचार प्रमुख नरेंद्र कुमार ने बताया कि ये संघ की नियमित वार्षिक बैठक है। इसमें देशभर से करीब 400 प्रतिनिधि शामिल हो रहे हैं। बैठक में सभी सह सरकार्यवाह, अखिल भारतीय पदाधिकारी, 11 क्षेत्रों के संघचालक और कार्यवाह तथा 46 प्रांतों के प्रांत संघचालक, प्रांत प्रचारक और उनके सहयोगी मौजूद हैं। संघ से प्रेरित विभिन्न संगठनों के अखिल भारतीय संगठन मंत्री और सह संगठन मंत्रियों को भी आमंत्रित किया गया है।
बैठक का प्रमुख एजेंडा संघ के शताब्दी वर्ष के दौरान आयोजित कार्यक्रमों की समीक्षा करना और उनके आगे के क्रियान्वयन की योजना बनाना है। नरेंद्र कुमार के मुताबिक, पंच परिवर्तन के पांच प्रमुख विषयों को समाज के बीच प्रभावी तरीके से पहुंचाने, उनके क्रियान्वयन और निरंतर अनुवर्तन पर विशेष चर्चा होगी।
शताब्दी वर्ष के दौरान स्वयंसेवकों के प्रयासों से शाखाओं का विस्तार हुआ है। बैठक में इस विस्तार को आगे बढ़ाने और अधिक से अधिक स्थानों पर नियमित शाखाएं शुरू करने की रणनीति तैयार की जाएगी। इसके साथ ही सरसंघचालक डॉ मोहन भागवत के विजयादशमी उद्बोधन में उठाए गए समसामयिक विषयों पर भी विचार विमर्श होगा। इन विषयों को समाज तक पहुंचाने की कार्ययोजना पर चर्चा की जाएगी।
बैठक के दौरान सरकार्यवाह की ओर से तीन महत्वपूर्ण वक्तव्य जारी किए जाएंगे। इनमें राष्ट्रीय चेतना के अग्रदूत राज नारायण बोस की 200वीं जयंती, स्वामी श्रद्धानंद के बलिदान से जुड़े विषय और कंधमाल के जनजातीय क्षेत्र में कार्य करने वाले स्वामी लक्ष्मणानंद सरस्वती के जीवन एवं योगदान से संबंधित वक्तव्य शामिल हैं। इन विषयों पर संघ की ओर से विस्तृत जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी।