इंदौर में ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग पर युवाओं ने निकाली प्रतीकात्मक शव यात्रा।
भंवरकुआं इंदौर 2.0 आंदोलन के दूसरे दिन अनिश्चितकालीन धरना स्थगित।
प्रदर्शनकारियों ने निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता, जवाबदेही और चुनाव सुधारों की मांग उठाई।
Gyanesh Kumar Resignation Demand In Indore: मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर इंदौर में चल रहे भंवरकुआँ इंदौर 2.0 आंदोलन के दूसरे दिन युवाओं ने विरोध प्रदर्शन किया।
रविवार रात को भोलाराम उस्ताद मार्ग स्थित डीडी गार्डन के सामने प्रदर्शनकारियों ने ज्ञानेश कुमार के विरोध में प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली और पुतला दहन कर निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही की मांग उठाई। वहीं, आंदोलनकारियों ने दूसरे दिन अपना अनिश्चितकालीन धरना स्थगित कर दिया।
प्रदर्शन में शामिल युवाओं ने डीडी गार्डन से प्रतीकात्मक शव यात्रा शुरू की, जो इंदौर शहर के भोलाराम उस्ताद मार्ग तक पहुंची। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने लोकतंत्र की रक्षा, निष्पक्ष निर्वाचन व्यवस्था और संवैधानिक संस्थाओं की जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पुतला दहन किया गया।
आंदोलन का नेतृत्व कर रहे पवन अहिरवार ने कहा कि भंवरकुआं इंदौर 2.0 केवल विरोध प्रदर्शन नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक मूल्यों और चुनाव सुधारों से जुड़े सवालों को उठाने का अभियान है। उन्होंने कहा कि दूसरे दिन अनिश्चितकालीन धरना स्थगित किया गया है, लेकिन आंदोलन की मांगें अभी भी बरकरार हैं।
पवन अहिरवार ने चेतावनी दी कि यदि दो दिन के भीतर मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा। उन्होंने कहा कि युवाओं की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए। निर्वाचन प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए संघर्ष जारी रहेगा। हालांकि कहा यह भी जा रहा है की धरना ख़त्म करने के लिए छात्रों पर दबाव बनाया गया।
आंदोलन से जुड़े छात्रों ने कहा कि लोकतंत्र में जनता का विश्वास बनाए रखने के लिए निर्वाचन प्रक्रिया का पारदर्शी और जवाबदेह होना जरूरी है। चुनाव सुधारों से जुड़े मुद्दों पर गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि युवा अपने लोकतांत्रिक अधिकारों और निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था से जुड़े सवालों को लगातार उठाते रहेंगे।
आंदोलनकारियों ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की है। इसके अलावा निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया में विपक्ष की प्रभावी भागीदारी, मतदाता सूची में गलतियों और डुप्लीकेट प्रविष्टियों पर रोक, चुनाव सुधारों पर व्यापक चर्चा और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग भी उठाई गई है।
फिलहाल धरना स्थगित है, लेकिन आंदोलनकारियों ने दो दिन का अल्टीमेटम देते हुए साफ किया है कि मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होने की स्थिति में विरोध प्रदर्शन का दायरा बढ़ाया जाएगा।