Indore Online Betting Racket: इंदौर में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी के खिलाफ क्राइम ब्रांच ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संचालित हो रहे IPL सट्टा सिंडिकेट का पर्दाफाश किया है। क्राइम ब्रांच पुलिस ने बापजीनगर स्थित एक मकान पर दबिश देकर 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जो बुक प्रिमियम क्लाइंट बुक नामक इंटरनेशनल वेबसाइट के जरिए आईपीएल मैचों पर ऑनलाइन सट्टा चला रहे थे
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 23 मोबाइल फोन, 3 हाई-एंड लैपटॉप, 55 इंच की एलईडी टीवी, वाई-फाई राउटर, 13 डेबिट कार्ड और करोड़ों के लेनदेन से जुड़े रजिस्टर जब्त किए हैं। जप्त सामग्री की कुल कीमत करीब 10 लाख 57 हजार रुपए बताई जा रही है।
क्राइम ब्रांच टीम को 26 मई की रात सूचना मिली थी कि बापजीनगर स्थित मकान नंबर 236 की पहली मंजिल पर आईपीएल मैच पर बड़े स्तर पर ऑनलाइन सट्टा संचालित किया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस ने मौके पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान कमरे में बड़ी एलईडी टीवी पर मैच चल रहा था और आरोपी लैपटॉप व मोबाइल के जरिए लाइव सट्टा बुक कर रहे थे। पुलिस के पहुंचते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे प्रिमियम क्लाइंट बुक वेबसाइट के जरिए क्रिकेट मैच और कसीनो का ऑनलाइन सट्टा संचालित कर रहे थे।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी मध्यप्रदेश, ओडिशा और जबलपुर के अलावा दुबई तक संपर्क में थे। पुलिस को आशंका है कि यह पूरा नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय सट्टा सिंडिकेट से जुड़ा हो सकता है। आरोपी इंदौर को सेफ हाउस बनाकर यहां गुप्त रूप से रह रहे थे और ऑनलाइन नेटवर्क के जरिए सट्टा ऑपरेट कर रहे थे।
मुख्य आरोपी कुणालदास की भूमिका सबसे अहम बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार, वह टेलीग्राम ऐप के जरिए युवकों को अच्छी नौकरी का लालच देकर इंदौर बुलाता था और फिर उन्हें ऑनलाइन सट्टेबाजी के नेटवर्क में शामिल करता था। आरोपी लो-प्रोफाइल जीवन जीते हुए स्वीगी, जोमैटो और रैपिडो जैसी कंपनियों में काम कर अपनी पहचान छिपाए हुए थे। इसे भी पढ़े : इंदौर दूधिया गांव में घर में घुसकर तोड़फोड़, पूरी वारदात घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद
पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आईपीएल मैच रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर और गुजरात जायंट्स के मैच पर हर गेंद और हर ओवर पर हार-जीत का दांव लगाया जा रहा था। सटोरिये अलग-अलग बैंक खातों के जरिए ऑनलाइन रकम ट्रांसफर करवाकर ग्राहकों को सीक्रेट आईडी और पासवर्ड उपलब्ध कराते थे।
छापेमारी के दौरान पुलिस को सट्टे के हिसाब-किताब से जुड़े 4 रजिस्टर मिले हैं, जिनमें करोड़ों रुपए के लेनदेन की जानकारी दर्ज है। इसके अलावा 13 डेबिट कार्ड और करीब 15 बैंक खातों की जानकारी भी मिली है। इनमें बैंक ऑफ महाराष्ट्र, यूनियन बैंक, उत्कर्ष बैंक, सीएसबी बैंक, डीवीएसबी बैंक और झारखंड ग्रामीण बैंक के खाते शामिल हैं।
क्राइम ब्रांच ने सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 112(1), पब्लिक गेम्बलिंग एक्ट 1976 की धारा 4(क) और आईटी एक्ट की धारा 66 के तहत केस दर्ज कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।