Indore No Car Day : स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवन का संदेश देने के उद्देश्य से इंदौर में आज नो कार डे मनाया जा रहा है। नगर निगम की ओर से आयोजित इस अभियान के तहत शहरवासियों से निजी कारों का इस्तेमाल कम करने और सार्वजनिक परिवहन व वैकल्पिक साधनों को अपनाने की अपील की गई है।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव इस समय विदेश दौरे पर हैं। उन्होंने वहीं से शहरवासियों से अपील की है कि जहां संभव हो, आज के आवागमन के लिए सिटी बस, ई-रिक्शा, साइकिल या पैदल यात्रा को प्राथमिकता दें। उनके मुताबिक नो कार डे केवल एक दिन कार नहीं चलाने का अभियान नहीं है, बल्कि स्वच्छ हवा, कम प्रदूषण और बेहतर यातायात व्यवस्था के लिए सामूहिक जिम्मेदारी का संदेश है।
इंदौर में जनभागीदारी के साथ लगातार तीसरे वर्ष नो कार डे आयोजित किया जा रहा है। नगर निगम के मुताबिक, पिछले वर्षों में अभियान के दौरान बड़ी संख्या में लोगों ने निजी वाहनों की जगह वैकल्पिक परिवहन साधनों का इस्तेमाल किया। निगम का उद्देश्य लोगों को रोजमर्रा के आवागमन के विकल्पों पर विचार करने के लिए प्रेरित करना है।
अभियान से जुड़े आंकड़ों के अनुसार, 2023 में करीब 80 हजार लीटर ईंधन की बचत हुई थी। इसी दौरान AQI में लगभग 18 प्रतिशत सुधार दर्ज किए जाने का दावा किया गया। 2024 में करीब 1.50 लाख लीटर ईंधन की बचत हुई, जबकि निगम के अनुसार इस दौरान वायु गुणवत्ता में लगभग 38 प्रतिशत सुधार दर्ज किया गया।
निगम के मुताबिक, 2025 में नो कार डे के दौरान करीब 1.80 लाख लीटर ईंधन की बचत हुई। इन आंकड़ों के जरिए नगर निगम अभियान में लोगों की भागीदारी से होने वाले प्रभाव को सामने रख रहा है। इस साल भी नागरिकों से निजी कारों का इस्तेमाल कम कर वैकल्पिक साधनों को अपनाने की अपील की गई है।
महापौर पुष्यमित्र भार्गव के मुताबिक, ये आंकड़े बताते हैं कि शहरवासी जब सामूहिक रूप से किसी अभियान से जुड़ते हैं तो उसका प्रभाव व्यापक स्तर पर दिखाई देता है। नो कार डे के जरिए लोगों को अपने रोजाना के परिवहन विकल्पों पर दोबारा विचार करने और पर्यावरण के अनुकूल साधनों को अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
इंदौर नगर निगम ने नागरिकों से अपील की है कि वे खुद अभियान में शामिल होने के साथ परिवार, दोस्तों और आसपास के लोगों को भी नो कार डे का हिस्सा बनने के लिए प्रेरित करें। उद्देश्य सिर्फ एक दिन के लिए कार को सड़क से हटाना नहीं, बल्कि रोजमर्रा के जीवन में सार्वजनिक और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन को लेकर जागरूकता बढ़ाना है।