इंदौर नगर निगम में घोटाला (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
इंदौर

इंदौर नगर निगम नामांतरण घोटाले में बड़ा एक्शन, 3 कर्मचारियों की सेवाएं खत्म, 2 निलंबित, FIR के आदेश

Indore Nagar Nigam News : इंदौर नगर निगम के नामांतरण घोटाले में जांच के बाद 3 कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त और 2 स्थायी कर्मचारी निलंबित किए गए। साइबर क्राइम में FIR के निर्देश दिए गए हैं।

अंशुल मुकाती, प्रीतेश जैन

Indore Municipal Corporation Name Transfer Scam : इंदौर नगर निगम के बहुचर्चित नामांतरण घोटाले में जांच के बाद बड़ी कार्रवाई की गई है। निगमायुक्त क्षितिज सिंघल द्वारा गठित विभागीय जांच समिति और साइबर विशेषज्ञों की रिपोर्ट के आधार पर तीन कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त कर दी गई हैं। वहीं दो स्थायी कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। इसके अलावा पर्यवेक्षण में लापरवाही बरतने के मामले में सहायक राजस्व अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।

जांच समिति की रिपोर्ट के मुताबिक, इंदौर नगर निगम के ई-नगर पालिका पोर्टल पर उपायुक्तों की लॉगिन आईडी का कथित तौर पर अनधिकृत इस्तेमाल किया गया। इसके जरिए करीब 350 संपत्तियों के नामांतरण और संपत्ति विवरण में बदलाव किए जाने की बात सामने आई है। मामला सामने आने के बाद निगम प्रशासन ने इसकी विस्तृत जांच के निर्देश दिए थे।

विभागीय जांच के साथ साइबर एक्सपर्ट ने खंगाला सिस्टम

मामले की गंभीरता को देखते हुए अपर आयुक्त आईटी एवं राजस्व की अध्यक्षता में जांच समिति गठित की गई थी। समिति ने संबंधित संपत्ति धारकों और निगम कर्मचारियों के बयान दर्ज किए। इसके साथ ही CERT-MP के तकनीकी विशेषज्ञों ने ई-नगर पालिका पोर्टल पर हुए डिजिटल बदलावों और लॉगिन गतिविधियों की जांच की। तकनीकी रिपोर्ट और विभागीय जांच के आधार पर कर्मचारियों की भूमिका तय की गई।

तीन कर्मचारियों की सेवाएं समाप्त

जांच के बाद निगम प्रशासन ने कंप्यूटर ऑपरेटर सागर पंवार की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। इसके अलावा आउटसोर्स कर्मचारी संतोष मालवीय और सौरभ तिवारी की सेवाएं भी खत्म कर दी गई हैं। निगम प्रशासन की ओर से यह कार्रवाई जांच में सामने आए तथ्यों और कर्मचारियों की कथित भूमिका के आधार पर की गई है।

दो स्थायी कर्मचारी निलंबित

मामले में दो स्थायी कर्मचारियों पर भी कार्रवाई हुई है। निगम प्रशासन ने रियाज अंसारी और संजय यादव को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। दोनों कर्मचारियों की भूमिका और उनके स्तर पर हुई कथित लापरवाही को जांच के दायरे में लिया गया था। निगम की कार्रवाई के बाद विभाग में हड़कंप की स्थिति है।

सहायक राजस्व अधिकारी को शोकॉज नोटिस

जांच में पर्यवेक्षण के स्तर पर भी लापरवाही सामने आने की बात कही गई है। इसके चलते संबंधित सहायक राजस्व अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। निगम प्रशासन ने अधिकारी से पूरे मामले में उनकी भूमिका और पर्यवेक्षण में हुई कथित चूक को लेकर जवाब मांगा है। जवाब मिलने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।

साइबर क्राइम में FIR के निर्देश

नगर निगम ने मामले में दोषी पाए गए कंप्यूटर ऑपरेटर के खिलाफ साइबर क्राइम थाने में नामजद FIR दर्ज कराने के निर्देश भी दिए हैं। इसके साथ ही निगम अब उन अनधिकृत IP एड्रेस और सिस्टम एक्सेस की भी जांच कराएगा, जिनके जरिए ई-नगर पालिका पोर्टल में बदलाव किए गए। इससे यह पता लगाने की कोशिश होगी कि सिस्टम में अनधिकृत तरीके से किस-किस स्तर पर प्रवेश किया गया।

ई-नगर पालिका पोर्टल की सुरक्षा होगी मजबूत

नामांतरण घोटाले के बाद नगर निगम ने ई-नगर पालिका पोर्टल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी कदम उठाने की तैयारी की है। तकनीकी जांच में सामने आए सुझावों के आधार पर पोर्टल की सुरक्षा मजबूत करने के लिए आवश्यक सुधार किए जाएंगे। निगम की ओर से तकनीकी सुधारों से जुड़े सुझाव राज्य सरकार को भी भेजे गए हैं, ताकि भविष्य में लॉगिन आईडी के दुरुपयोग और संपत्तियों के रिकॉर्ड में अनधिकृत बदलाव जैसी घटनाओं को रोका जा सके।

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