इंदौर के महू में इंद्रदेव को प्रसन्न करने का अनोखा तरीका (सोर्स- सोशल मीडिया)
इंदौर

इंद्रदेव को प्रसन्न करने का अनोखा तरीका, इंदौर के महू में जिंदा इंसान की निकाली गई शव यात्रा

Unique Rain Ritual Mhow: मालवा निमाड़ में कम बारिश के चलते अनोखी शव यात्रा देखने को मिली, महू में जिन्दा व्यक्ति की शव यात्रा निकाली, गाव में परंपरा है की इस प्रकार की यात्रा से बारिश होती है

अंशुल मुकाती, सजल रघुवंशी

Mhow Funeral Procession Ritual: मध्य प्रदेश के इंदौर जिले के महू क्षेत्र के गवली पलासिया गांव में अच्छी बारिश की कामना को लेकर एक अनोखी परंपरा देखने को मिली। बारिश की कमी से परेशान ग्रामीणों ने इंद्रदेव को प्रसन्न करने के लिए एक जिंदा व्यक्ति को अर्थी पर लिटाकर उसकी प्रतीकात्मक शव यात्रा निकाली।

ढोल-ढमाकों और पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ निकली यह यात्रा पूरे इलाके में चर्चा का विषय बन गई। गांव की गलियों से गुजरती इस अनोखी यात्रा को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग भी जुटे।

वर्षों पुरानी मान्यता से जुड़ी है परंपरा

ग्रामीणों के अनुसार, यह परंपरा गांव में कई वर्षों से चली आ रही है। स्थानीय मान्यता है कि जब लंबे समय तक बारिश नहीं होती और सूखे जैसे हालात बनने लगते हैं, तब इस तरह की प्रतीकात्मक शव यात्रा निकालकर इंद्रदेव से वर्षा की प्रार्थना की जाती है। लोगों का विश्वास है कि इस अनोखे आयोजन से इंद्रदेव प्रसन्न होते हैं और क्षेत्र में अच्छी बारिश होती है। इसी आस्था के चलते गांव के लोगों ने सामूहिक रूप से यह आयोजन किया।

बारिश की कमी से बढ़ी किसानों की चिंता

इस वर्ष इंदौर जिले के महू क्षेत्र में अपेक्षित बारिश नहीं होने से किसानों की परेशानी बढ़ गई है। कई खेतों में फसलें पर्याप्त पानी के इंतजार में हैं, जबकि कुछ स्थानों पर बोवाई और कृषि कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि समय पर अच्छी बारिश नहीं होने से खेती पर संकट गहरा सकता है। ऐसे में किसानों और ग्रामीणों ने मिलकर इंद्रदेव से अच्छी वर्षा की प्रार्थना करने का निर्णय लिया और पारंपरिक तरीके से यह अनुष्ठान किया।

ढोल-ढमाकों के साथ निकली अनोखी यात्रा

गांव की गलियों में जब एक जिंदा व्यक्ति को अर्थी पर लिटाकर शव यात्रा निकाली गई तो इसे देखने के लिए लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी। ढोल-नगाड़ों की आवाज और ग्रामीणों की मौजूदगी ने पूरे आयोजन को विशेष बना दिया। कई लोगों ने इस दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में कैद किया, जिसके बाद यह चर्चा आसपास के गांवों तक पहुंच गई।

आस्था और उम्मीद का प्रतीक बना आयोजन

ग्रामीणों का मानना है कि यह आयोजन केवल एक परंपरा नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति उनकी आस्था और अच्छी बारिश की उम्मीद का प्रतीक है। लोगों को विश्वास है कि उनकी सामूहिक प्रार्थना रंग लाएगी और जल्द ही क्षेत्र में झमाझम बारिश होगी। फिलहाल गवली पलासिया गांव की यह अनोखी परंपरा पूरे इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है। ऐसे में अब इस परंपरा को देखकर लोग कह रहै हैं कि हमारा मध्य प्रदेश है अजब-गजब है।

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