Indore Metro TBM Narmada : इंदौर मेट्रो परियोजना के भूमिगत निर्माण कार्य ने अब महत्वपूर्ण चरण में प्रवेश कर लिया है। मध्य प्रदेश मेट्रो रेल कॉरपोरेशन लिमिटेड (MPMRCL) ने भूमिगत सेक्शन के लिए पहली टनल बोरिंग मशीन (TBM) ‘नर्मदा’ को एयरपोर्ट स्थित शाफ्ट में सफलतापूर्वक लॉन्च कर दिया है। इसके साथ ही एयरपोर्ट से बड़ा गणपति के बीच भूमिगत सुरंग निर्माण की दिशा में काम ने गति पकड़ ली है।
भूमिगत सुरंग निर्माण के लिए तैयार की गई TBM नर्मदा को विशेष तकनीकी प्रक्रिया के तहत एयरपोर्ट स्थित शाफ्ट में उतारा गया। लॉन्चिंग प्रक्रिया के दौरान MPMRCL के प्रबंध संचालक एस. कृष्ण चैतन्य ने मौके पर पहुंचकर पूरी प्रक्रिया का निरीक्षण किया। उन्होंने इस चुनौतीपूर्ण कार्य को सफलतापूर्वक पूरा करने वाली इंजीनियरिंग टीम और मेट्रो अधिकारियों को बधाई दी।
TBM नर्मदा इंदौर मेट्रो के एयरपोर्ट से बड़ा गणपति के बीच भूमिगत सुरंग निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। टनल बोरिंग मशीन के जरिए जमीन के नीचे सुरंग बनाने का काम आधुनिक तकनीक से किया जाएगा। इससे निर्माण को सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से आगे बढ़ाने में मदद मिलेगी और निर्धारित तकनीकी मानकों के अनुरूप काम को गति दी जा सकेगी।
TBM नर्मदा का आकार और वजन इसे खास बनाता है। यह करीब 410 मीट्रिक टन वजनी विशाल मशीन है। इसे पहले ग्राउंड लेवल पर असेंबल किया गया और इसके बाद विशेष तकनीकी व्यवस्था के जरिए एयरपोर्ट स्थित शाफ्ट के अंदर उतारा गया। इतने भारी उपकरण को सुरक्षित तरीके से शाफ्ट में पहुंचाना इंजीनियरिंग टीम के लिए चुनौतीपूर्ण प्रक्रिया थी।
TBM को उठाने, स्थानांतरित करने और शाफ्ट के भीतर सुरक्षित तरीके से उतारने के लिए मेगालिफ्ट सिस्टम और स्ट्रैंड जैक असेंबली का इस्तेमाल किया गया। यह सिस्टम 1000 मीट्रिक टन से अधिक भार उठाने में सक्षम है। पूरी प्रक्रिया के दौरान तकनीकी विशेषज्ञता के साथ सुरक्षा मानकों का भी विशेष ध्यान रखा गया।
पहली TBM नर्मदा की सफल लॉन्चिंग को इंदौर मेट्रो के भूमिगत निर्माण की दिशा में बड़ा तकनीकी पड़ाव माना जा रहा है। अब मशीन के जरिए एयरपोर्ट-बड़ा गणपति कॉरिडोर में सुरंग निर्माण का अगला चरण आगे बढ़ेगा। इससे परियोजना के भूमिगत हिस्से के निर्माण कार्य को गति मिलने की उम्मीद है।
इंदौर में भूमिगत मेट्रो नेटवर्क तैयार होने के बाद शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है। खासतौर पर घनी आबादी और व्यस्त हिस्सों में भूमिगत मेट्रो से यातायात व्यवस्था को बेहतर करने में मदद मिल सकती है। TBM नर्मदा की लॉन्चिंग के साथ इंदौर मेट्रो परियोजना ने भूमिगत सुरंग निर्माण के अहम चरण में प्रवेश कर लिया है।