जीतू यादव की वापसी से बीजेपी में घमासान (सोर्स- सोशल मीडिया)
इंदौर

इंदौर: जीतू यादव की बीजेपी में वापसी से घमासान, पार्षद कमलेश कालरा ने प्रदेश अध्यक्ष को पत्र लिख जताया विरोध

Kamlesh Kalra Letter To Hemant Khandelwal: इंदौर भाजपा में जीतू यादव की वापसी से भड़का अंदरूनी कलह, 6 साल का निष्कासन रद्द होने पर बीजेपी पार्षद कमलेश कालरा ने खोला मोर्चा।

अंशुल मुकाती, सजल रघुवंशी

Jeetu Yadav BJP Return Controversy: इंदौर में भाजपा ने निष्कासित एमआईसी सदस्य और पार्षद जीतू यादव का छह साल का निष्कासन समाप्त करते हुए उनकी प्राथमिक सदस्यता बहाल कर दी है। पार्टी के इस फैसले के बाद अब भाजपा के ही पार्षद कमलेश कालरा ने विरोध जताया है। कालरा ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल को पत्र लिखकर जीतू यादव की वापसी पर आपत्ति दर्ज कराई है।

भाजपा प्रदेश कार्यालय मंत्री श्याम महाजन ने पिछले दिनों पत्र जारी कर जीतू यादव के प्राथमिक सदस्यता से निष्कासन को समाप्त घोषित किया था। जीतू यादव के खिलाफ यह कार्रवाई जनवरी 2025 में कमलेश कालरा के साथ हुए विवाद के बाद की गई थी। अब पार्टी ने उनकी सदस्यता बहाल कर दी है।

कमलेश कालरा बोले- फैसला दुर्भाग्यपूर्ण

कमलेश कालरा ने पार्टी के निर्णय को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए अपने पत्र में पूरे घटनाक्रम का उल्लेख किया है। उन्होंने अपने परिवार के साथ हुई कथित अभद्रता का भी जिक्र किया। कालरा का कहना है कि मामले को लेकर उनकी आपत्ति अभी भी कायम है और वे पार्टी के फैसले से सहमत नहीं हैं।

पुलिस क्लीन चिट को बनाया आधार, कोर्ट में मामला जारी

कालरा ने आरोप लगाया कि जीतू यादव की वापसी के लिए पुलिस की क्लीन चिट को आधार बनाया गया है, जबकि न्यायालय में प्रकरण अभी भी विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि वे इस मामले को लेकर प्रदेश अध्यक्ष के बाद मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव, प्रदेश प्रभारी और प्रधानमंत्री तक पत्र भेजकर अपनी आपत्ति दर्ज कराएंगे।

जनवरी 2025 में हुआ था विवाद

बता दें कि जनवरी 2025 में वार्ड 65 के भारतीय जनता पार्टी पार्षद और तत्कालीन एमआईसी सदस्य जीतू यादव का अपनी ही पार्टी के पार्षद कमलेश कालरा से विवाद हुआ था। आरोप था कि इसके बाद जीतू यादव के समर्थकों ने कालरा के घर पहुंचकर उत्पात किया था। उस दौरान परिवार और नाबालिग बेटे के साथ अभद्रता के आरोप भी लगे थे। मामला राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर काफी चर्चित हुआ था और इसकी गूंज प्रदेश से लेकर दिल्ली तक पहुंची थी।

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