Indore Collector Reviews Governance: जिले में अवैध कॉलोनियों की बसाहट और शासकीय भूमि पर अतिक्रमण को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नई अवैध कॉलोनियों को किसी भी स्थिति में विकसित नहीं होने दिया जाए और सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई में किसी भी प्रकार की ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी।
कलेक्ट्रेट में आयोजित समय-सीमा बैठक में कलेक्टर ने विभिन्न विभागों के लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शासन की प्राथमिकताओं वाले सभी मामलों का समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। बैठक में जिले से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक के दौरान सीएम हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों की विभागवार समीक्षा की गई। कलेक्टर ने कहा कि केवल औपचारिक जवाब देकर शिकायतें बंद करने के बजाय नागरिकों की वास्तविक समस्याओं का समाधान किया जाए। जिन विभागों की प्रगति संतोषजनक नहीं पाई गई, उन्हें विशेष अभियान चलाकर लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण करने के निर्देश दिए गए। समीक्षा में लापरवाही सामने आने पर सहायक आयुक्त, आदिम जाति कल्याण विभाग नीरज पाराशर को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए।
कलेक्टर शिवम् वर्मा ने सुगम्य भारत अभियान के तहत चल रहे कार्यों की समीक्षा करते हुए सभी विभागों और एसडीएम को नियमित मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय-सीमा में सभी कार्य पूरे किए जाएं ताकि दिव्यांगजनों के लिए सार्वजनिक भवन और सुविधाएं अधिक सुलभ बन सकें।
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बैठक में खरीफ सीजन के दौरान उर्वरकों की उपलब्धता की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों ने बताया कि इंदौर जिले में यूरिया, एनपीके और अन्य उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण उपलब्ध है। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि खाद वितरण पूरी पारदर्शिता से किया जाए और कहीं भी जमाखोरी, कालाबाजारी या कृत्रिम अभाव की स्थिति न बनने पाए। इसके लिए नियमित निरीक्षण और वितरण व्यवस्था की सतत निगरानी करने के निर्देश भी दिए गए।