इंदौर वन विभाग का कार्यालय (फोटो सोर्स - नवभारत) 
इंदौर

वन भूमि से अतिक्रमण हटाने पहुंची टीम पर हमले का मामला,मुख्य आरोपी की तलाश जारी

Indore Forest Team Attacked:इंदौर के चोरल वन परिक्षेत्र में अतिक्रमण हटाने पहुंची वन विभाग की टीम पर अतिक्रमणकारियों ने पथराव और धारदार हथियारों से हमला कर दिया। घटना में एक वनकर्मी घायल हुआ।

अंशुल मुकाती

Indore Forest Anti Encroachment Drive: इंदौर के चोरल वन परिक्षेत्र में आरक्षित वन भूमि से अतिक्रमण हटाने पहुंची वन विभाग की टीम पर शनिवार को हुए अतिक्रमणकारियों के जानलेवा हमले के मामले में आरोपियों की तलाश की जा रही है, कार्रवाई के दौरान पहले वन अमले पर पथराव किया गया और इसके बाद कुछ आरोपी तलवार व फरसे जैसे धारदार हथियार लेकर कर्मचारियों की ओर दौड़ पड़े थे । हमले में एक वनकर्मी घायल हो गया, जबकि विभाग के वाहन और जेसीबी मशीनों में भी तोड़फोड़ की गई। घटना के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर मुख्य आरोपी समेत अन्य आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

10 हेक्टेयर आरक्षित वन भूमि पर था अवैध कब्जा

इंदौर के डीएफओ लाल सुधाकर सिंह ने बताया कि चोरल रेंज के रासकुइया क्षेत्र में लगभग 10 हेक्टेयर आरक्षित वन भूमि पर लंबे समय से अवैध कब्जा कर खेती की जा रही थी। वन विभाग की टीम नियमानुसार अतिक्रमण हटाने पहुंची थी। शुरुआत में विरोध हुआ, लेकिन कुछ ही देर में बड़ी संख्या में लोग एकत्र होकर हिंसक हो गए और वन कर्मचारियों पर हमला कर दिया।

2015 के बाद का अतिक्रमण अवैध, पहले भी दर्ज हो चुका है मामला

इंदौर डीएफओ के अनुसार वन विभाग के नियमों के तहत वर्ष 2015 के बाद किए गए अतिक्रमण वैध नहीं माने जाते। रासकुइया क्षेत्र में जिस भूमि पर कब्जा किया गया, वह करीब चार वर्ष पुराना है। संबंधित परिवार के खिलाफ वर्ष 2019 में भी वन भूमि पर अतिक्रमण का प्रकरण दर्ज किया जा चुका है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सरकारी वन भूमि पर किसी भी तरह का अवैध कब्जा स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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तीन आरोपियों पर एफआईआर, पुलिस की छापेमार कार्रवाई जारी

वन विभाग की शिकायत पर सिमरोल थाना पुलिस ने प्रेम, अरुण और एक अन्य आरोपी के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा, वन कर्मियों पर हमला, शासकीय संपत्ति को नुकसान पहुंचाने सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। मुख्य आरोपी सहित अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमार कार्रवाई की जा रही है। वन विभाग ने भी भविष्य में ऐसे अभियानों के दौरान अतिरिक्त पुलिस बल की मौजूदगी में कार्रवाई करने का निर्णय लिया है, ताकि वन भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराया जा सके।

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