इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा  फोटो सोर्स - सोशल मीडिया
इंदौर

इंदौर में फिर से जारी हुआ भिक्षावृत्ति पर पूरी तरह प्रतिबंध का आदेश, भीख देने वालों पर भी होगी कार्रवाई

Indore Collector Order : इंदौर में भिक्षावृत्ति पर फिर प्रतिबंध लगा दिया गया है। कलेक्टर शिवम वर्मा के आदेश के बाद भीख देना और भिखारियों से सामान खरीदना भी प्रतिबंधित रहेगा।

अंशुल मुकाती, प्रीतेश जैन

Indore Begging Ban : इंदौर जिले में भिक्षावृत्ति की रोकथाम को लेकर जिला प्रशासन ने बड़ा फैसला लिया है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने भारतीय नागरिक सुरक्षा अधिनियम-2023 की धारा 163 के तहत प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किया है। इसके तहत इंदौर जिले की राजस्व सीमा में किसी भी प्रकार की भिक्षावृत्ति पर फिर से पूरी तरह रोक लगा दी गई है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है और 31 अक्टूबर 2026 तक प्रभावशील रहेगा।

प्रशासन द्वारा जारी आदेश के मुताबिक भिक्षावृत्ति करने वाले व्यक्ति को किसी भी प्रकार की वस्तु, राशि या अन्य सामग्री भीख के रूप में देना भी प्रतिबंधित रहेगा। यानी सड़क, चौराहे, धार्मिक स्थलों या सार्वजनिक स्थानों पर भीख मांगने वाले लोगों को पैसे या अन्य सामान देने पर भी कार्रवाई की जा सकती है।

भिखारियों से सामान खरीदने पर भी रोक

आदेश में भिक्षा देने के साथ-साथ भिक्षावृत्ति करने वाले व्यक्तियों से किसी भी प्रकार का सामान खरीदने पर भी प्रतिबंध लगाया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध के बावजूद यदि कोई व्यक्ति भिक्षा देता है या भिक्षावृत्ति करने वाले व्यक्ति से सामान खरीदता है, तो उसके खिलाफ भी आदेश के उल्लंघन को लेकर कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

भिक्षावृत्ति की सूचना पर मिलेंगे 1000 रुपये

जिला प्रशासन ने आम लोगों से भी इस अभियान में सहयोग करने की अपील की है। यदि किसी स्थान पर कोई व्यक्ति भिक्षावृत्ति करता हुआ पाया जाता है, तो इसकी सूचना महिला एवं बाल विकास विभाग के परियोजना अधिकारी को मोबाइल नंबर 9691494951 पर दी जा सकती है। प्रशासन के मुताबिक सूचना के सत्यापन के बाद शिकायत सही पाए जाने पर सूचना देने वाले व्यक्ति को 1000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

आदेश तोड़ा तो BNS के तहत कार्रवाई

कलेक्टर के आदेश का उल्लंघन करने वाले व्यक्ति, संस्था या आयोजक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता-2023 की धारा 223 के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। प्रशासन ने संबंधित विभागों को आदेश का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। ऐसे में भिक्षावृत्ति को लेकर कार्रवाई के साथ-साथ नियम तोड़ने वालों पर भी नजर रखी जाएगी।

पहले से चल रहा है भिक्षावृत्ति रोकने का अभियान

इंदौर जिले में भिक्षावृत्ति की रोकथाम और इससे जुड़ी सामाजिक समस्या के समाधान के लिए पहले से अभियान चलाया जा रहा है। इसके लिए विभिन्न विभागों के दल गठित किए गए हैं, जो भिक्षावृत्ति की रोकथाम के साथ जागरूकता और आवश्यक कार्रवाई कर रहे हैं।

31 अक्टूबर तक प्रभावी रहेगा आदेश

जिला प्रशासन का मानना है कि प्रतिबंधात्मक आदेश दोबारा लागू होने से भिक्षावृत्ति रोकने के अभियान को और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो चुका है और 31 अक्टूबर 2026 तक प्रभावी रहेगा। प्रशासन ने आम लोगों से नियमों का पालन करने और भिक्षावृत्ति की सूचना संबंधित विभाग को देने की अपील की है।

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