VIP Pass Controversy Indore Airport: इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर वीआईपी पास जारी करने की प्रक्रिया को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। एयरपोर्ट के टर्मिनल मैनेजर और वीआईपी ड्यूटी से जुड़े कुछ अधिकारियों के बीच हुई तीखी बहस अब चर्चा का विषय बन गई है।
जानकारी के मुताबिक, वीआईपी पास जारी करने के अधिकार और नई प्रक्रिया की अलग-अलग व्याख्याओं के कारण दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए। कुछ समय के लिए एयरपोर्ट परिसर में तनावपूर्ण स्थिति भी बनी रही, हालांकि बाद में वरिष्ठ अधिकारियों के हस्तक्षेप से मामला शांत कराया गया।
सूत्रों के अनुसार, एयरपोर्ट पर वीआईपी मूवमेंट के दौरान तैनात अधिकारियों के लिए पास जारी किए जाने थे, लेकिन अधिकार क्षेत्र और नई प्रक्रिया को लेकर भ्रम की स्थिति बनने से संबंधित अधिकारियों के पास समय पर जारी नहीं हो सके। इसी बीच प्रस्तावित वीआईपी मूवमेंट रद्द हो गया। इसके बावजूद स्थानीय अधिकारियों ने एयरपोर्ट परिसर में प्रवेश करने का प्रयास किया लेकिन सुरक्षा में तैनात अधिकारियों ने वैध पास नहीं होने के कारण उन्हें अंदर जाने की अनुमति नहीं दी। इसके बाद अधिकारियों के बीच इस मुद्दे को लेकर बातचीत शुरू हुई।
बताया जा रहा है कि चर्चा के बाद संबंधित अधिकारियों के पास जारी तो कर दिए गए, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था संभाल रही सीआईएसएफ की टीम ने पास पर किए गए हस्ताक्षरों का सत्यापन स्वीकार नहीं किया। इसी बात को लेकर विवाद और गहरा गया। दोनों पक्ष अपने-अपने अधिकारों और नियमों का हवाला देते रहे, जिससे बहस तेज हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कुछ समय तक दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक होती रही। बाद में मामले की सूचना एयरपोर्ट प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचाई गई, जिन्होंने हस्तक्षेप कर स्थिति को सामान्य कराया।
एयरपोर्ट प्रशासन का कहना है कि पूरे घटनाक्रम का यात्रियों की आवाजाही या किसी भी उड़ान के संचालन पर कोई असर नहीं पड़ा। सभी उड़ानें निर्धारित समय के अनुसार संचालित होती रहीं और सुरक्षा व्यवस्था भी सामान्य बनी रही।
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प्रशासन ने मामले की विस्तृत रिपोर्ट उच्च अधिकारियों को भेज दी है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार विवाद की मुख्य वजह वीआईपी पास जारी करने की प्रक्रिया, अनुमोदन और सत्यापन से जुड़े नियमों की अलग-अलग व्याख्या रही। अब पूरे मामले की जांच की जा रही है ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो और वीआईपी मूवमेंट के दौरान सभी एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित किया जा सके।
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