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लोकसभा चुनाव 2024 में इंदौर से कांग्रेस प्रत्याशी रहे अक्षय कांति बम को बीजेपी ने नई जिम्मेदारी दी।
बीजेपी ने अक्षय कांति बम को 'लोकतंत्र बचाओ, भीड़ हटाओ'अभियान में जिम्मेदारी सौंपी।
कांग्रेस के एआईसीसी प्रवक्ता नीलाभ शुक्ला ने बीजेपी के फैसले पर सवाल उठाए।
नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख पर अक्षय कांति बम कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल हो गए थे।
उनके नामांकन वापस लेने से इंदौर में कांग्रेस का कोई आधिकारिक प्रत्याशी चुनाव मैदान में नहीं रहा।
Neelabh Shukla Statement : मध्य प्रदेश की राजनीति में अक्षय कांति बम एक बार फिर चर्चा में हैं। लोकसभा चुनाव 2024 में इंदौर से कांग्रेस के प्रत्याशी रहे अक्षय कांति बम को अब भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने 'लोकतंत्र बचाओ, भीड़ हटाओ' अभियान में जिम्मेदारी सौंपी है। इस फैसले के बाद कांग्रेस ने बीजेपी पर निशाना साधा है।
कांग्रेस का कहना है कि लोकतंत्र की बात करने वाली बीजेपी ने ऐसे व्यक्ति को अभियान में जिम्मेदारी दी है, जिसने लोकसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस छोड़ दी थी।
लोकसभा चुनाव 2024 में कांग्रेस ने अक्षय कांति बम को इंदौर सीट से अपना उम्मीदवार बनाया था। चुनावी प्रक्रिया के दौरान नामांकन वापस लेने की अंतिम तारीख पर बम ने अपना नामांकन वापस ले लिया और बीजेपी में शामिल हो गए। उनके इस फैसले से कांग्रेस को बड़ा राजनीतिक झटका लगा था। इसके बाद इंदौर लोकसभा सीट पर कांग्रेस का कोई आधिकारिक प्रत्याशी चुनाव मैदान में नहीं रहा। वहीं, बीजेपी के उम्मीदवार शंकर लालवानी ने इस सीट पर जीत दर्ज की थी।
अक्षय कांति बम को एमपी बीजेपी के अभियान में जिम्मेदारी दिए जाने के बाद कांग्रेस ने इस फैसले पर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस के एआईसीसी प्रवक्ता नीलाभ शुक्ला ने बीजेपी के अभियान और उसमें बम की भूमिका को लेकर आलोचना की। उन्होंने कहा कि बीजेपी खुद लोकतंत्र का मजाक बना रही है और दूसरी तरफ लोकतंत्र बचाने का अभियान चला रही है। कांग्रेस ने इसे बीजेपी की राजनीति में विरोधाभास बताते हुए सवाल खड़े किए हैं।
नीलाभ शुक्ला ने आरोप लगाया कि जिस व्यक्ति ने चुनाव के दौरान अपनी पार्टी छोड़कर नामांकन वापस ले लिया था, उसे अब लोकतंत्र बचाने के अभियान में जिम्मेदारी दी जा रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी ऐसे व्यक्ति को जिम्मेदारी सौंपकर अपने दोहरे चरित्र को उजागर कर रही है। कांग्रेस प्रवक्ता के मुताबिक, ये फैसला बीजेपी के लोकतंत्र संबंधी दावों पर सवाल खड़े करता है। हालांकि, ये आरोप कांग्रेस की ओर से लगाए गए हैं।
अक्षय कांति बम को मिली नई जिम्मेदारी ने इंदौर लोकसभा चुनाव के दौरान हुए घटनाक्रम को एक बार फिर चर्चा में ला दिया है। नामांकन वापसी के दिन कांग्रेस छोड़कर बीजेपी में शामिल होने का उनका फैसला उस समय भी प्रदेश की राजनीति में सुर्खियों में रहा था। अब बीजेपी के अभियान में जिम्मेदारी मिलने के बाद कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर पार्टी पर हमलावर है। आने वाले समय में यह मामला इंदौर की सियासत में राजनीतिक बयानबाजी का विषय बना रह सकता है।