Gwalior Arji Wale Ganesh Mandir : ग्वालियर में भगवान गणेश का एक ऐसा प्राचीन मंदिर है, जहां श्रद्धालु अपनी मनोकामना लेकर अर्जी लगाने पहुंचते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से भगवान गणेश के सामने लगाई गई अर्जी गणपति महाराज तक पहुंचती है और भक्तों की मनोकामना पूरी होती है। यही आस्था भक्तों को दूर-दूर से इस मंदिर तक खींच लाती है।
ग्वालियर के सिंदे की छावनी क्षेत्र में स्थित अर्जी वाले गणेश जी का मंदिर करीब 350 साल पुराना बताया जाता है। मंदिर में भगवान गणेश की स्वयंभू प्रतिमा विराजमान होने की मान्यता है। वर्षों से श्रद्धालु यहां पहुंचकर गणेश जी के सामने अपनी अर्जी लगाते हैं और परिवार की सुख-समृद्धि समेत अलग-अलग मनोकामनाएं मांगते हैं।
गणेश उत्सव के चलते मंदिर में विशेष सजावट की गई है। पूरे मंदिर परिसर को फूलों से आकर्षक तरीके से सजाया गया है। भगवान गणेश को मोदक और लड्डुओं का भोग लगाया जा रहा है। मंदिर में दर्शन के लिए पहुंच रहे श्रद्धालु भक्ति में लीन नजर आ रहे हैं और गणपति के जयकारों से पूरा परिसर गूंज रहा है।
अर्जी वाले गणेश मंदिर को लेकर श्रद्धालुओं में विशेष आस्था है। मान्यता के चलते लोग अपनी मनोकामना लेकर यहां पहुंचते हैं। कोई परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करता है तो कोई जीवन की परेशानियों को दूर करने की कामना से भगवान गणेश के सामने अर्जी लगाता है।
ग्वालियर का यह प्राचीन गणेश मंदिर सिर्फ धार्मिक आस्था का केंद्र ही नहीं, बल्कि वर्षों पुरानी परंपरा और श्रद्धा का प्रतीक भी माना जाता है। गणेश उत्सव के दौरान मंदिर में भक्तों की भीड़ बढ़ गई है। फूलों से सजे मंदिर में गणपति के जयकारों के बीच मनोकामना लेकर पहुंचते श्रद्धालुओं का नजारा देखने को मिल रहा है।
350 साल पुराने इस मंदिर में गणेश उत्सव के दौरान भक्तों की आस्था और उत्साह देखते ही बन रहा है। अर्जी लगाकर मनोकामना मांगने की परंपरा इस मंदिर को ग्वालियर के अन्य गणेश मंदिरों से अलग पहचान देती है। यही वजह है कि गणेश उत्सव के दौरान यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं।