Highlights:
ग्वालियर के शीतला माता मंदिर हादसे में 15 लोगों की मौत।
ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अस्पताल पहुंचकर मृतकों और घायलों के परिजनों से मुलाकात की।
रात के अंधेरे में ट्रक मंदिर के प्रवेश द्वार तक कैसे पहुंचा, सिंधिया ने उठाया सवाल।
हादसे के बाद आठ पुलिसकर्मी निलंबित, दोषियों पर कार्रवाई की मांग।
अस्पताल में भर्ती 31 मरीजों में से 13 डिस्चार्ज, दो मरीज आईसीयू में।
Gwalior Sheetla Mata Temple Accident : ग्वालियर के शीतला माता मंदिर हादसे में 15 लोगों की मौत के बाद केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने घटना पर गहरा दुख जताया है। वे अस्पताल पहुंचे और मृतकों व घायलों के परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया। सिंधिया ने हादसे की सख्त जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर रात के अंधेरे में भारी ट्रक मंदिर के प्रवेश द्वार तक पहुंचा कैसे।
शीतला माता मंदिर के पास हुए हादसे ने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं। दुर्घटना में अब तक 15 लोगों की मौत हो चुकी है। घटना के बाद से मृतकों के परिजनों और घायलों के परिवारों में शोक का माहौल है। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने अस्पताल पहुंचकर प्रभावित परिवारों से मुलाकात की और उन्हें इस कठिन समय में सांत्वना दी।
सिंधिया ने घटना पर दुख जताते हुए कहा कि मंदिर के समीप हुई यह दुर्घटना बेहद दर्दनाक है। उन्होंने कहा कि उनका हृदय टूट गया है, क्योंकि यह हादसा उनके अपने शहर के परिवारों के साथ हुआ है। अस्पताल में उन्होंने घायलों के स्वास्थ्य की जानकारी ली और मृतकों के परिजनों से मिलकर अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।
हादसे को लेकर ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कई गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि रात के अंधेरे में ट्रक को मंदिर के प्रवेश द्वार तक पहुंचने की अनुमति कैसे मिली। ट्रक ग्वालियर कैसे पहुंचा और वह मंदिर के समीप तक किस तरह आया, इसकी सख्त तहकीकात होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि ट्रक के ब्रेक फेल हुए थे या दुर्घटना की कोई दूसरी वजह थी, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
सिंधिया ने बताया कि हादसे को लेकर उनकी मुख्यमंत्री से तीन बार चर्चा हुई है। उन्होंने मुख्यमंत्री से ग्वालियर आने का आग्रह भी किया। सिंधिया ने स्पष्ट कहा कि इस दुर्घटना के लिए जो भी जिम्मेदार हैं, उन्हें बख्शा नहीं जाना चाहिए। उन्होंने मामले की गंभीरता से जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
हादसे के बाद पुलिस विभाग में भी कार्रवाई की गई है। घटना के सिलसिले में कुल आठ पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। वहीं, मृतकों के परिजनों को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री राहत कोष से आर्थिक सहायता दी जा रही है। प्रशासन की ओर से घायलों के इलाज पर भी नजर रखी जा रही है।
हादसे के बाद अस्पताल में कुल 31 मरीज भर्ती हुए थे। इनमें से 13 मरीजों को उपचार के बाद डिस्चार्ज किया जा चुका है। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, तीन मरीज अभी अस्पताल में भर्ती हैं। इनमें एक मरीज की हालत खतरे से बाहर बताई गई है, जबकि दो मरीज आईसीयू में हैं। हादसे के कारणों का पता लगाने के लिए जांच और जिम्मेदारी तय करने का मुद्दा अब अहम है।