Highlights:
ग्वालियर में पुरुषोत्तम गुर्जर की हत्या के मामले का पुलिस ने 72 घंटे में खुलासा किया।
ब्याज पर लाखों रुपये के लेन-देन का विवाद हत्या की वजह बताया गया।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने करीब 20 प्रतिशत ब्याज पर रकम उधार ली थी।
पैसे का हिसाब करने के बहाने पुरुषोत्तम को खेत में बुलाया गया था।
पुलिस ने रमन गुर्जर समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया।
Gwalior Murder Case : ग्वालियर के झांसी रोड थाना क्षेत्र के केदारपुर स्थित पिपरौली में खेत से मिले पुरुषोत्तम गुर्जर के शव के मामले का पुलिस ने 72 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने हत्या के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया है। इनमें रमन गुर्जर, राधाकृष्ण गुर्जर, छोटू उर्फ राहुल गुर्जर और विजय उर्फ खैरी गुर्जर शामिल हैं। चारों आरोपी छोटी मडईयां, केदारपुर के निवासी हैं। पुरुषोत्तम का शव 14 अक्टूबर 2026 को भागीरथ गुर्जर के खेत में मिला था।
पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक पुरुषोत्तम गुर्जर ब्याज पर पैसे देने का काम करता था। आरोपियों ने उससे करीब 20 प्रतिशत ब्याज पर लाखों रुपये उधार लिए थे। पुलिस के मुताबिक, पुरुषोत्तम लगातार ब्याज की रकम वसूलने के लिए दबाव बना रहा था। इसी से परेशान होकर आरोपियों ने उसकी हत्या की योजना बनाई। पुलिस के अनुसार, वारदात से करीब तीन दिन पहले ही आरोपियों ने हत्या की साजिश रच ली थी।
ग्वालियर पुलिस के मुताबिक, 13 अक्टूबर 2026 की रात करीब 11 बजे रमन गुर्जर ने घर के बाहर सो रहे पुरुषोत्तम को ब्याज के पैसे देने और हिसाब करने के बहाने भागीरथ गुर्जर के खेत में बुलाया। वहां बातचीत के दौरान चारों आरोपियों ने कथित तौर पर कुल्हाड़ी से पुरुषोत्तम के सिर और गर्दन पर बारी-बारी से वार किए। हमले में उसकी मौत हो गई। इसके बाद मामले की जांच शुरू की गई।
अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवेश सिंह बघेल के मार्गदर्शन में सीएसपी विश्वविद्यालय रवि भदौरिया के नेतृत्व में पांच पुलिस टीमों का गठन किया गया था। टीमों ने तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया और घटनास्थल के आसपास रहने वाले लोगों से पूछताछ की। संदेहियों से पूछताछ के दौरान पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने में सफलता मिली।
ग्वालियर में हत्या के मामले में पुलिस ने मामले में रमन गुर्जर, राधाकृष्ण गुर्जर, छोटू उर्फ राहुल गुर्जर और विजय उर्फ खैरी गुर्जर को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई में झांसी रोड थाना प्रभारी शक्ति सिंह यादव सहित पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों की अहम भूमिका रही। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवेश सिंह बघेल ने मामले के खुलासे से जुड़ी जानकारी दी।