Highlights:
ग्वालियर की डीआरपी लाइन में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर की मौजूदगी में पुलिस शस्त्र पूजन हुआ।
वैदिक मंत्रोच्चार, यज्ञ और हवन के साथ शस्त्रों की पूजा की गई।
शीतला माता मंदिर के समीप हुए हादसे में 16 लोगों की मौत के बाद हर्ष फायरिंग नहीं की गई।
नरेंद्र सिंह तोमर ने विजयादशमी को सत्य की विजय और शक्ति की आराधना का पर्व बताया।
कार्यक्रम में कलेक्टर रुचिका चौहान, एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव और अन्य अधिकारी शामिल हुए।
Narendra Singh Tomar Gwalior Visit : ग्वालियर में विजयादशमी के पावन अवसर पर डीआरपी लाइन में पुलिस विभाग का पारंपरिक शस्त्र पूजन कार्यक्रम आयोजित किया गया। मध्य प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर के मुख्य आतिथ्य में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच शस्त्रों का पूजन किया गया। इस दौरान यज्ञ और हवन में आहुतियां भी दी गईं।
हर साल शस्त्र पूजन के बाद होने वाली हर्ष फायरिंग इस बार शीतला माता मंदिर के समीप हुए हादसे में 16 लोगों की मौत के चलते नहीं की गई। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों के साथ प्रशासन और पुलिस विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।
विजयादशमी पर राज्य शासन के दिशा-निर्देशों के तहत प्रदेशभर में शस्त्र पूजन के कार्यक्रम आयोजित किए गए। ग्वालियर में डीआरपी लाइन परिसर में आयोजित कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर शामिल हुए। यहां वैदिक मंत्रोच्चार के साथ यज्ञ और हवन किया गया। इसके बाद पुलिस विभाग के शस्त्रों का विधि-विधान से पूजन किया गया। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों सहित संभागीय कमिश्नर, कलेक्टर रुचिका चौहान, एसएसपी धर्मवीर सिंह यादव, डीआईजी और पुलिस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
ग्वालियर में विजयादशमी पर शस्त्र पूजन के बाद हर्ष फायरिंग करने की परंपरा रही है। हालांकि, इस बार हाल ही में शीतला माता मंदिर के समीप हुए दुखद हादसे के बाद हर्ष फायरिंग नहीं की गई। इस हादसे में 16 लोगों की मौत हुई थी। इसी को देखते हुए शस्त्र पूजन के बाद होने वाली हर्ष फायरिंग की परंपरा को इस बार रोक दिया गया। कार्यक्रम धार्मिक अनुष्ठानों के साथ संपन्न हुआ।
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने विजयादशमी के अवसर पर प्रदेशवासियों को बधाई और शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति और जनमानस में शक्ति को समर्पित विजयादशमी पर्व का विशेष महत्व है। यह पर्व असत्य पर सत्य की विजय के साथ-साथ शक्ति की आराधना का भी प्रतीक है। उन्होंने माता रानी और ईश्वर से प्रार्थना की कि यह महापर्व देश को और अधिक सशक्त, समृद्ध और यशस्वी बनाए।